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रोजा रखने से ब्लड प्रेशर कम होता है और ब्लड शुगर‌ लेवल बेहतर रहता है: डॉ मुमताज अली कुरेशी

Jaipur

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मोहम्मद अली पठान

चूरू, (रॉयल पत्रिका)। जिला मुख्यालय पर स्थित‌ एच एन हॉस्पिटल‌ के मालिक डॉक्टर मुमताज अली कुरैशी ने माह ए रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि रमजान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों के लिए ये महीना काफी खास होता है। रमजान के महीने को सिर्फ रोजे यानी व्रत रखने तक ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि ये आत्म सुधार, धैर्य, परोपकार और आध्यात्मिक उन्नति का भी समय होता है। इस महीने रोजेदार (व्रत करने वाले लोग) झूठ बोलने, गुस्सा करने और बुरी आदतों से बचने की कोशिश करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोजे रखने से बरकत मिलती है, दुआएं कुबूल होती हैं। वयस्कों से लेकर बुजुर्ग तक लगभग सभी रोजा रखते हैं। उपवास को अध्ययनों में सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी बताया गया है।रमज़ान में 30 दिन रोज़ा रखने से कई फ़ायदे होते हैं। ये फ़ायदे शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों तरह के होते हैं।

  • शारीरिक फ़ायदेः

रोज़ा रखने से वज़न कम होता है, शरीर डिटॉक्स होता है, पाचन तंत्र को आराम मिलता है, ब्लड प्रेशर कम होता है। रोज़ा रखने से ब्लड शुगर लेवल बेहतर होता है, दिमाग व सेहत में सुधार होता है, इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है, इंफ्लेमेशन कम होता है, प्रेलिन हार्मोन रेगुलेट होता है, जिससे भूख पर कंट्रोल रहता है।

  • रोजे रखने का सेहत पर असर:

रोजे रखने से शरीर पर लगभग उसी तरह से असर होता है जैसे इंटरमिटेंट फास्टिंग का। रोजे के दौरान लंबे समय तक बिना खाए रहने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है। इससे पेट की सफाई होती है और गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। यह नेचुरल तरीके से शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। रोजे के दौरान खान-पान को लेकर विशेष सावधानियां बरती जाती हैं, इससे मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। जिससे शरीर पर जमा चर्बी को ऊर्जा में बदलने लगता है। यह वजन घटाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इस दौरान चूंकि आप दिनभर खाली पेट रहते हैं इसलिए वेट लॉस करने में काफी प्रभावी हो सकता है।‌ रोजा मानसिक शांति में लाभदायक रोजा रखने से मन शांत रहता है, क्योंकि इसमें आध्यात्मिक ध्यान और संयम शामिल होता है। यह तनाव, चिंता और डिप्रेशन को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा इंसान के भीतर आत्मसंयम, धैर्य और सहनशीलता जैसे गुण विकसित होते हैं, जो मानसिक शांति और आत्मिक विकास में मददगार होते हैं।

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