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ईद उल अजहा का उल्लास, बकरीद की नमाज पर दिखा अनोखा नजारा… मुस्लिम संगठनों ने उठाई गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

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Bakrid 2026: नई दिल्ली/जयपुर। आज पूरे देशभर में बकरीद यानी ईद-उल-अजहा (Eid-Ul-Adha) का त्योहार मनाया जा रहा है। भारत में इसे बकरीद भी कहा जाता है, जो कि इस्लाम धर्म का सबसे खास त्योहार है। अलग-अलग शहरों की मस्जिदों को सजाया गया है। आज बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में एकत्र होकर नमाज अदा करेंगे। इसी के साथ कुर्बानी की रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। वहीं महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है। देशभर में आज सुबह 6 बजे से ही ईद की नमाज शुरू हो गई थी, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय ने मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई।

बकरीद की नमाज पर दिखा अनोखा नजारा

बकरीद की नमाज के दौरान अलग-अलग राज्यों में अनोखा नजारा दिखने को मिला। जहां मुस्लिम संगठनों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग लेकर प्रदर्शन किया। मुस्लिम समाज ने गाय के लिए सख्त कानून बनाने की मांग भी की। राजस्थान मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मुस्लिम समाज ने प्रदर्शन किया। इसमें शामिल लोगों ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक मूल्यों का महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए गोवंश को पूर्ण सुरक्षा मिलनी चाहिए। जैसलमेर में गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौमाता का दर्जा देने की मांग लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

मुस्लिम समुदाय ने उठाई गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग

ईद के मौके पर विभिन्न शहरों से सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। इंदौर शहर के सदर बाजार स्थित ईदगाह में नमाज से ठीक पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने खुले मंच से गाय को राष्ट्रीय धरोहर मानने की वकालत की, जिसका वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसके बाद शांतिपूर्वक ईद की नमाज अदा की गई।

वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर-29 स्थित मस्जिद के बाहर ईद-उल-अजहा के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। ईद की नमाज के बाद वीरवार को समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से इस संबंध में ठोस कदम उठाने की अपील की। समाज के लोगों ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने से देश में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारा मजबूत होगा। उनका कहना था कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के साथ ही उसके संरक्षण और देखभाल के लिए सख्त कानून और ठोस नीति लागू की जाए। इस दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने का संदेश भी दिया।

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गाय भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा

वहीं उत्तराखंड में मुस्लिम सेवा संगठन ने चकराता रोड स्थित ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद राज्य और केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और इस मुद्दे पर राजनीति बंद करने की मांग उठाई। हाथों में तख्ती लेकर संगठन के पदाधिकारी सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने लगे। संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि देश में गाय को लेकर लगातार राजनीति की जाती है और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जाता है, जबकि संगठन लंबे समय से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बहुसंख्यक समाज के समर्थन से सत्ता में आने की बात करती है, ऐसे में यदि गाय वास्तव में आस्था और सम्मान का विषय है तो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव और राजनीतिक लाभ के लिए गाय के मुद्दे को उठाना उचित नहीं है।

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