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सर्द हवा से कानों में दर्द और खुजली? सावधान!

जयपुर

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सही देखभाल अपनाकर पाएं तुरंत राहत

ठंडी हवा से रूखापन बन सकता है बड़ी मुसीबत; जानें कौन सा तेल है फायदेमंद और कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क। सर्दियों का मौसम जहाँ एक ओर सुहावना एहसास लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह हमारी सेहत के लिए कई चुनौतियां भी खड़ा करता है। खासतौर पर ‘कानों की सेहत’ इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। ठंडी और सूखी हवा कानों की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे दर्द, खुजली, जलन और असहजता जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए, तो ये छोटी समस्याएं बड़ी परेशानी का रूप ले सकती हैं।

सर्द हवा कैसे पहुंचाती है नुकसान?

सर्दियों में हवा में नमी (Humidity) की कमी हो जाती है। जब ठंडी और सूखी हवा सीधे कानों के संपर्क में आती है, तो कानों की अंदरूनी और बाहरी त्वचा रूखी (Dry) हो जाती है। इससे खुजली और जलन होने लगती है। कई बार लोगों को ऐसा महसूस होता है कि कान में कुछ फंसा हुआ है, जिससे वे बार-बार कान में हाथ या कोई वस्तु डालने की कोशिश करते हैं, जो स्थिति को और भी बिगाड़ सकता है।

घर से निकलते समय कानों को ढकना क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में घर से बाहर निकलते समय कानों को ढकना बेहद जरूरी है। सीधी ठंडी हवा ही दर्द का मुख्य कारण है। बचाव के लिए आप ये उपाय कर सकते हैं:

  • ऊन की टोपी: बाहर जाते समय हमेशा ऊनी टोपी पहनें।

  • मफलर या शॉल: अगर टोपी पसंद नहीं है, तो मफलर से कानों को अच्छी तरह कवर करें।

  • हेलमेट: बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें। यह छोटी-सी आदत आपको बड़े दर्द से बचा सकती है।

कानों में तेल डालना: पुराना लेकिन असरदार उपाय

दादी-नानी के जमाने से कानों में तेल डालना एक कारगर घरेलू उपाय माना जाता रहा है। सर्दियों में तेल कानों की रूखी त्वचा को नमी (Moisture) देता है।

तेल डालने का सही तरीका:

  1. सबसे पहले तेल को हल्का गुनगुना कर लें (ध्यान रखें, ज्यादा गर्म न हो)।

  2. अब एक कान में 2 से 4 बूंदें डालें।

  3. 5 से 10 मिनट तक करवट लेकर लेट जाएं ताकि तेल अंदर तक जा सके।

  4. इसके बाद दूसरे कान में भी यही प्रक्रिया दोहराएं।

कौन-सा तेल है सबसे फायदेमंद?

कानों के लिए कुछ खास तेलों को ही सुरक्षित और फायदेमंद माना गया है:

  • सरसों का तेल: इसकी तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों में बहुत लाभदायक है।

  • नारियल का तेल: यह त्वचा को गहराई से नमी देता है।

  • जैतून (Olive) का तेल: इसमें औषधीय गुण होते हैं, जो खुजली और जलन को कम करते हैं।

नोट: किसी भी तेल का इस्तेमाल करने से पहले एक बार ईएनटी (ENT) डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है, खासकर अगर आपके कान में पहले से कोई इंफेक्शन या पर्दे में छेद हो।

सफाई और सावधानियां: क्या करें, क्या न करें?

कानों की सफाई जरूरी है, लेकिन गलत तरीका नुकसानदायक हो सकता है।

  • सफाई: हफ्ते में एक से दो बार हल्के हाथ से सफाई करें। गीले कपड़े से कान के बाहरी हिस्से को पोंछें।

  • चेतावनी: कान के अंदर माचिस की तीली, पिन या कोई नुकीली चीज बिल्कुल न डालें।

  • गीले बाल: ठंड में बाल धोने के बाद कानों को अच्छे से सुखाएं, नमी रहने से फंगल इंफेक्शन हो सकता है।

  • गैजेट्स: ईयरफोन या हेडफोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल न करें।

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी?

घरेलू उपाय तभी तक ठीक हैं जब तक समस्या सामान्य हो। अगर आपको निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • लगातार कान में तेज दर्द होना।

  • कान से पानी या मवाद (Pus) आना।

  • सुनाई देने में परेशानी होना।

  • कान के आसपास सूजन आ जाना।

सर्दियों में कानों की देखभाल उतनी ही जरूरी है, जितनी शरीर के बाकी हिस्सों की। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।


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