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ख़ालिदा ज़िया के भारत के जलपाईगुड़ी में जन्म पर मतभेद:

नई दिल्ली

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निधन के बाद छिड़ी नई बहस

बीएनपी ने बताया जलपाईगुड़ी, तो जीवनी लेखक ने लिखा दिनाजपुर — क्या है सच?

नई दिल्ली/जलपाईगुड़ी। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष ख़ालिदा ज़िया के निधन के बाद उनके जन्मस्थान को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। भारत और बांग्लादेश के मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि उनका जन्म भारत के जलपाईगुड़ी में हुआ था या बांग्लादेश के दिनाजपुर में?

स्थानीय निवासी का दावा: “हमारे घर के सामने हुआ था जन्म”

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी ज़िले की ‘नई बस्ती’ में रहने वाले भोला मंडल (ज़िला खेल संघ के सचिव) ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया, “ख़ालिदा ज़िया का जन्म हमारे घर के ठीक सामने वाले मकान में हुआ था। देश के विभाजन के बाद संपत्ति की अदला-बदली के समय अमरेंद्र नाथ चक्रवर्ती पूर्वी पाकिस्तान से इस घर में रहने आए और यहाँ रह रहा ख़ालिदा ज़िया का परिवार पूर्वी पाकिस्तान चला गया था।”

मंडल का दावा है कि उनकी मां ने बचपन में ख़ालिदा को अपनी गोद में भी खिलाया था।

दस्तावेजों और किताबों में विरोधाभास

ख़ालिदा ज़िया के जन्मस्थान को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं:

  1. BNP का दावा: ख़ालिदा के निधन के बाद उनकी पार्टी (BNP) द्वारा जारी संक्षिप्त जीवनी में बताया गया है कि उनका जन्म जलपाईगुड़ी में हुआ था।

  2. जीवनी लेखक का दावा: पत्रकार (दिवंगत) महफू़ज़ उल्लाह ने अपनी किताब ‘बेगम ख़ालिदा ज़िया- हर लाइफ़, हर स्टोरी’ में लिखा है कि उनका जन्म दिनाजपुर में हुआ था।

हालांकि, किताब में भी यह स्वीकार किया गया है कि ख़ालिदा के पिता इस्कंदर मजूमदार आठवीं क्लास के बाद जलपाईगुड़ी चले गए थे और वहीं बस गए थे।

परिवार का जलपाईगुड़ी कनेक्शन

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के मीडिया सेल के अनुसार, ख़ालिदा ज़िया का पैतृक इतिहास कुछ इस प्रकार है:

  • पिता: इस्कंदर मजूमदार (व्यापारी)।

  • प्रवास: इस्कंदर 1919 में फेनी (बांग्लादेश) से जलपाईगुड़ी आए थे।

  • विवाह: 1937 में जलपाईगुड़ी में उनकी शादी हुई। वे ‘नई बस्ती’ इलाके में 1947 तक रहे।

  • पैतृक आवास: फेनी ज़िले का फूलगाजी उपजिला (श्रीरामपुर गाँव)।

जलपाईगुड़ी के लोगों का क्या कहना है?

जलपाईगुड़ी शहर के नई बस्ती इलाके में रहने वाले कई लोगों ने दावा किया है कि इस्कंदर मजूमदार वहीं रहते थे।

  • शिनाख्त: स्थानीय लोगों ने इस्कंदर मजूमदार के पुराने निवास के तौर पर एक मकान की पहचान भी की है, जिसके वर्तमान मालिक अरिंदम चक्रवर्ती हैं।

  • पुराने संबंध: पड़ोसियों का कहना है कि ख़ालिदा के माता-पिता के साथ उनकी पुरानी पीढ़ी के अच्छे संबंध थे। हालांकि, स्थानीय लोगों के पास इस दावे को साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है, लेकिन मौखिक इतिहास (Oral History) इसे सही बताता है।

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