उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले छः पुलिसकर्मियों को “कानिस्टेबल ऑफ दी मंथ” अवार्ड
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बढ़ाया हौसला, अक्टूबर माह में किए थे शानदार काम
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्तालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्कृष्ट, सराहनीय, मेहनत, लगन एवं समर्पण से कार्य करने वाले छः पुलिसकर्मियों को “कानिस्टेबल ऑफ दी मंथ” के अवार्ड से सम्मानित किया।
‘आमजन में विश्वास-अपराधियों में भय’
सचिन मित्तल ने बताया कि पुलिस का ध्येय वाक्य ‘आमजन में विश्वास-अपराधियों में भय’ की भावना जनता में साकार हो, इसके लिए जयपुर पुलिस लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ‘कानिस्टेबल ऑफ दी मंथ’ पुरस्कार से पुलिसकर्मियों के मनोबल में बढ़ोतरी होगी और वे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
इन जांबाजों को मिला सम्मान (अक्टूबर 2025)
अक्टूबर माह 2025 के लिए विभिन्न जिलों से चयनित पुलिसकर्मियों और उनके साहसिक कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
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सियाराम (कानि०, थाना जवाहर नगर – जिला पूर्व): सियाराम ने मानवता की मिसाल पेश की। सांयकालीन गश्त के दौरान सड़क किनारे बेहोश पड़े एक अज्ञात व्यक्ति को तुरंत ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलवाया, जिससे उसकी जान बच सकी।
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सरिता (कानि०, थाना सिन्धीकैम्प – जिला पश्चिम): इन्होंने साइबर क्राइम से संबंधी परिवादों का निस्तारण करते हुए गुमशुदा 14 मोबाईलों को ट्रेस कर पीड़ितों को लौटाने का सराहनीय कार्य किया।
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महिपाल (कानि०, थाना विद्याधर नगर – जिला उत्तर): महिपाल ने एक अज्ञात मृतक की पहचान कर और वारिसान की तलाश कर हत्या के आरोपियों (नवीन कुमार व अजय स्वामी) को गिरफ्तार करवाने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही, एक अन्य प्रकरण में अभियुक्त शाहिद कुरैशी को गिरफ्तार कर चोरी की 7 मोटरसाईकिलें बरामद करवाईं।
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जगदीश (कानि०, थाना चाकसू – जिला दक्षिण): इन्होंने थाना चाकसू के दो महत्वपूर्ण प्रकरणों में आरोपियों को दस्तयाब करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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मोहनलाल (कानि०, यातायात प्रशासन): इंटरसेप्टर पर तैनात रहकर तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की और चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
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जितेन्द्र (कानि०, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कार्यालय – चोरी एवं नकबजनी): इन्होंने आयुक्तालय क्षेत्र में होने वाली स्नैचिंग, लूट और वाहन चोरी के रिकॉर्ड (QST) का संधारण किया। अपराधों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने और ‘हॉट स्पॉट’ चिन्हित कर थानाधिकारियों को निर्देशित करने में कड़ी मेहनत की।
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