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कविता

Jaipur

किसी  भी   मोड़  से  मुझको न अब सदा देना। तमाम   नक़्श    मुहब्बत   के  तुम  मिटा  देना।।   चलो   तबाही   पे  ... Read more Read More

ग़ज़ल

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पूछोगे   नहीं  हाल  के  किस   हाल  में   हूं  मैं इतना  भी  बुरा  हूं  नहीं  दिल  तोड़ने  के  बाद अच्छा  यही ... Read more

ग़ज़ल

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हमको हमारे नाम से बुलाया ना करो जी हो जाएंगे बदनाम यूं पुकारा ना करो जी ख़दशा हो देखने का... Read more

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गजल

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जब सुबह चमन में वजू करके आती है गुल खारो-पत्तों का शबनम से मुँह‌ धुलाती है   उतरती है शफक... Read more

ग़ज़ल

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वो मरता नहीं है फिर भी वो ज़िन्दा नहीं होता कहीं कर्ज़ा नहीं होता कहीं सूखा नहीं होता बड़ी क़िस्मत... Read more

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