वक्फ कानून पर भाजपा का जनजागरण अभियान, मुस्लिम समाज से सीधे संवाद की रणनीति
- अल्पसंख्यक मोर्चा की योजना: 5 जून तक लाखों मुस्लिमों से संपर्क का लक्ष्य
- भाजपा नेताओं ने कहा कांग्रेस ने मुस्लिम समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया
जयपुर।राजधानी में भारतीय जनता पार्टी ने वक्फ बोर्ड के नए कानून को लेकर मुस्लिम समाज में जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत भाजपा ‘वक्फ सुधार जन जागरण अभियान’ चला रही है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को इस कानून के लाभों से अवगत कराना और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रमों को दूर करना है। पार्टी इसे अल्पसंख्यकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है। राजस्थान में इस अभियान की शुरुआत के साथ ही भाजपा ने अपने अल्पसंख्यक मोर्चे को इस काम की ज़िम्मेदारी सौंपी है।इसके लिए कार्यकर्ताओं को अपडेट किया जाएगा, लेकिन मोर्चे के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह मुस्लिम इलाकों में इसका प्रचार प्रसार कैसे करें, क्योंकि ध्रुवीकरण की राजनीति के आरोपों में घिरी भाजपा के सामने इस राह में कई चुनौतियां हैं।
भाजपा वक्फ सुधार जन जागरण अभियान की राजस्थान में शुरुआत हो गई। भाजपा ने पार्टी कार्यालय में बुधवार को इस मुद्दे पर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की। इसमें अभियान के राष्ट्रीय संयोजक और प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित बड़े नेता मौजूद रहे। इसी दिन शाम को आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश प्रभारी अग्रवाल ने मुस्लिम समाज के लोगों से संवाद कार्यक्रम भी किया। मुस्लिम समाज में संपर्क बनाने के लिए भाजपा 20 अप्रैल से 5 जून तक सीधे उनके मोहल्लों में जाएगी। पहले जिला स्तर पर कार्यशाला होगी। इसके बाद मंडल स्तर की कार्यशाला होगी।
मुस्लिम समाज के कल्याण में खर्च होगी राशि: इन कार्यशालाओं में भाजपा मुस्लिम समुदाय को वक्फ बोर्ड के नए कानून से होने वाले फायदे बताएगी। साथ ही विपक्ष की ओर से फैलाई जा रही भ्रांतियों को भी दूर किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को यह भी अपडेट किया जाएगा कि मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के लिए अब तक क्या-क्या काम किए हैं, ताकि वे फील्ड में जाकर लोगों को अवगत करा सके। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि वक्फ बोर्ड से वर्तमान में 166 करोड़ की आय हो रही है, नया कानून बनने से यह आय 1 लाख करोड़ तक पहुंच सकेगी। इस राशि को मुस्लिम समाज के कल्याण में खर्च किया जाएगा। कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को अपडेट कर उन्हें सीधे मुस्लिम बहुल इलाकों में भेजा जाएगा, जहां वे छोटी छोटी सभाएं कर मुस्लिम समुदाय के सामने अपनी बात रखेंगे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि भाजपा पहले से ही ध्रुवीकरण की राजनीति के आरोप झेल रही है। ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि मुस्लिम समाज के आर्थिक उत्थान के साथ पार्टी पर लगे ध्रुवीकरण के आरोपों को भी खत्म करवाया जाए। हालांकि भाजपा नेताओं के सामने भी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में कार्यक्रम करना चुनौती से कम नहीं है। कांग्रेस ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक माना: वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यशाला में कहा कि नया कानून उस मुस्लिम वर्ग के लिए है, जिसे कांग्रेस नेताओं ने 65 साल तक केवल वोट बैंक माना। उनकी बेहतरी के लिए कोई कार्य नहीं किया। कांग्रेस के राज में मुस्लिम सिर्फ मोची, पेंटर, दर्जी, बैंड बाजा बजाने वाला और पंचर निकालने वाला बनकर रह गया। कांग्रेस मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक मानती है। अब उसी वर्ग को खड़ा होना होगा। उनका सहयोग रहेगा, तब ही इस बिल का उद्देश्य पूरा होगा। भाजपा का मानना है कि नया वक्फ कानून मुस्लिम समाज के उन तबकों को मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बनेगा, जिन्हें अब तक केवल वोट बैंक की नजर से देखा गया। अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हमीद खान मेवाती ने जानकारी दी कि पांच जून तक प्रदेश भर में लाखों मुस्लिम नागरिकों से सीधा संपर्क किया जाएगा। उनका कहना है कि कांग्रेस इस कानून को लेकर मुस्लिम समाज में ग़लतफहमियां फैला रही है, जिन्हें भाजपा कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर जाकर दूर करेंगे। यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाने का काम करेगा, बल्कि भाजपा को मुस्लिम समुदाय के बीच विश्वसनीयता बनाने का भी मौका देगा।
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