गुड़ वाला दूध पीने के फायदे:
जोड़ों का दर्द होगा कम, पाचन और इम्यूनिटी होगी मजबूत
सर्दियों का सुपरफूड: दादी-नानी का अचूक नुस्खा
नई दिल्ली/लाइफस्टाइल डेस्क। पुराने ज़माने से ही भारतीय घरों में दूध और गुड़ को सेहत का खज़ाना माना जाता रहा है। दादी-नानी के नुस्खों में इन दोनों का ज़िक्र अक्सर मिलता है। खासकर सर्दियों के मौसम में गुड़ का सेवन बड़े शौक से किया जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ-साथ ताक़त भी देता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर दूध (जो कैल्शियम और प्रोटीन का स्रोत है) के साथ गुड़ को सही मात्रा में लिया जाए, तो यह सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
जोड़ों के दर्द में कारगर उपाय
आजकल बदलती लाइफस्टाइल और घंटों बैठकर काम करने की वजह से जोड़ों के दर्द की समस्या आम हो गई है। ऐसे में गुड़ वाला दूध एक असरदार देसी उपाय साबित हो सकता है।
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यह दूध मसल्स को रिलैक्स करने में मदद करता है।
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दूध का कैल्शियम और गुड़ के मिनरल्स मिलकर हड्डियों को मज़बूती देते हैं।
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नियमित रूप से रात में सोने से पहले इसे पीने से जोड़ों के दर्द में धीरे-धीरे राहत मिलती है।
हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार
गुड़ आयरन का बेहतरीन सोर्स माना जाता है। जब इसे दूध के साथ लिया जाता है, तो यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रहे लोगों, खासकर महिलाओं और किशोरियों के लिए यह काफी फायदेमंद है।
गट हेल्थ (पेट) के लिए फायदेमंद
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी आम समस्याएं हैं। गुड़ पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और दूध पेट को ठंडक पहुंचाता है। इन दोनों का मेल आंतों की सफ़ाई में मदद करता है और डाइजेशन को स्मूद बनाता है। कब्ज़ की शिकायत वालों के लिए यह एक नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करता है।
मेटाबॉलिज्म और इम्यूनिटी बूस्टर
अगर आपका मेटाबॉलिज्म स्लो है और वजन कंट्रोल में नहीं आ रहा, तो गुड़ वाला दूध पिएं। यह इंस्टेंट एनर्जी देता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। इसके अलावा, गुड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं, जो बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से बचाव करता है।
अच्छी नींद का देसी नुस्खा
तनाव और मोबाइल की लत से नींद न आने की समस्या बढ़ रही है। रात में गुड़ वाला दूध पीने से नींद की क्वालिटी बेहतर हो सकती है। दूध में मौजूद ‘ट्रिप्टोफैन’ और गुड़ की मिठास दिमाग को रिलैक्स करती है, जिससे गहरी नींद आने में मदद मिलती है।
कैसे बनाएं और क्या रखें सावधानी?
बनाने की विधि: एक पैन में दूध को हल्का गर्म कर लें (उबलता हुआ न हो)। अब इसमें एक से दो चम्मच गुड़ का चूरा मिलाएं और अच्छे से घोलें। स्वाद के लिए इलायची पाउडर डाल सकते हैं।
सावधानियां:
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डायबिटीज़ के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए क्योंकि इससे शुगर लेवल बढ़ सकता है।
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लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग इससे बचें।
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अगर आप रोज़ाना सही मात्रा में इसे पीते हैं, तो एक महीने के अंदर आपको पॉजिटिव असर दिखाई देने लगेंगे।
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