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बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार निंदनीय है

Jaipur

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जब से बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है तब से ही वहां हिंदू मंदिरों और हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में बांग्लादेश में हिंदू शांति से रह रहे थे। लेकिन जैसे ही तख्तापलट के बाद अंतरिम सरकार का मुखिया मोहम्मद यूनुस को बनाया गया तब से वहां हिंदू समुदाय पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। कई हिंदू धार्मिक संतो को झूठ और मनगढ़ंत आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया है। आश्चर्यजनक रूप से हिंदुओं की सुरक्षा का दम भरने वाली मोदी सरकार बांग्लादेश के हिंदुओं पर अत्याचार रोक नहीं पा रही है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुओं के अत्याचारों पर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जबकि बांग्लादेश में मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है, आग के हवाले किया जा रहा है। जो हिंदू हक की आवाज उठा रहे हैं उन पर लाठी चार्ज करके जेल में ठूंसा जा रहा है। बांग्लादेश में शेख हसीना की चुनी हुई सरकार थी तब तक सब कुछ ठीक था। अब बांग्लादेश में मुस्लिम मान्यताओं वाली सरकार बन गई है जो बांग्लादेश के हिंदू नागरिकों पर अत्याचार कर रही है, पक्षपात कर रही है। बांग्लादेश से मौजूदा सरकार भारत विरोधी रुख अपनाती जा रही है। जिस भारत ने बांग्लादेश बनने में मदद की थी अब वही बांग्लादेश भारत के विरोध में खड़ा होने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बांग्लादेश भारत की अपेक्षा काफी छोटा देश है और भारत का मुकाबला नहीं कर सकता है फिर भी बांग्लादेश केवल हिंदुओं पर अत्याचार और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के अलावा भारत के दुश्मन पाकिस्तान के नजदीक जा रहा है। 52 वर्षों में यह पहली बार है जब बांग्लादेश, पाकिस्तान के नजदीक जा रहा है। भारत की आयरन लेडी स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शानदार विदेश नीति के चलते बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग करवा दिया था। बांग्लादेश को देश के शासको ने हमेशा अपने पक्ष में रखने की कोशिश की थी। वहीं वर्तमान में मोदी सरकार बांग्लादेश को अपने पक्ष में रखने में विफल साबित हो गई है। मोदी की विदेश नीति कैसी है साफ झलकने लगी है। पहले भारत को पाकिस्तान, चीन से खतरा था और अब दुश्मनों की लिस्ट में बांग्लादेश भी जुड़ने के लिए तैयार है। मोदी सरकार देश के अंदर धार्मिक मामले बढाती जा रही है जिससे देश की एकता शांति एवं सद्भाव को खतरा पैदा हो सकता है। कट्टरपंथियों की सरकार चाहे देश में हो या विदेश में वह कभी शांति की पैरवी नहीं करती है।  ऐसी सरकारें धार्मिक भावनाएं बढ़ाकर सत्ता की कुर्सी पर बैठे रहने की कोशिश करती रहती है। इसी तरह की सरकार बांग्लादेश में है हिंदू और हिंदुओं के मंदिरों को टारगेट करके बांग्लादेश की मौजूदा सरकार वहां के बहुसंख्यक मुसलमानों का ध्यान विकास, शिक्षा एवं बेरोजगारी जैसे मुद्दों से भड़काना चाहती है। फिर भी मोदी सरकार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए कड़े उपाय करना चाहिए। मोदी सरकार को ईमानदारी से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के प्रयास करने चाहिए। साथ में भारत देश में मंदिर मस्जिद के विवादों के नाम पर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों को भी रोकना चाहिए।

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