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उधमपुर में आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन:

उधमपुर/जम्मू

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SOG कांस्टेबल अमजद अली खान का सर्वोच्च बलिदान

आतंकियों से लोहा लेते हुए हुए शहीद, पैतृक गांव सलवा में दी गई अंतिम विदाई; जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू/उधमपुर (रॉयल पत्रिका)। जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (Special Operations Group – SOG) के जांबाज कांस्टेबल अमजद अली खान उधमपुर जिले में आतंकवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में शहीद हो गए। देश की रक्षा करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

यह घटना तब हुई जब सुरक्षा बल इलाके में तलाशी एवं घेराबंदी अभियान (CASO) चला रहे थे।

  • गोलीबारी: अभियान के दौरान तीन आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ शुरू हो गई।

  • बलिदान: गोलीबारी में कांस्टेबल खान गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मुठभेड़ में दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

  • सर्च ऑपरेशन: आतंकवादी घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने मजलता मनसर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Manhunt) शुरू कर दिया है।

नम आंखों से दी गई विदाई

17 दिसंबर को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शहीद कांस्टेबल अमजद अली खान को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

  • इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सलवा ले जाया गया।

  • वहां उनके अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शामिल हुए और ‘अमजद अली अमर रहें’ के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

सीमापार आतंकवाद के खिलाफ डटकर खड़ा रहा वीर

श्रद्धांजलियों में खान की मुस्लिम पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए यह रेखांकित किया गया कि सीमापार से आने वाले आतंकवादी खतरों के खिलाफ जारी संघर्ष में सुरक्षा बलों को कितनी बड़ी मानवीय कीमत चुकानी पड़ती है। अमजद अली खान का बलिदान देश की एकता और अखंडता के लिए उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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