चौमू मस्जिद प्रकरण में बेकसूर लोगों की गिरफ्तारियाँ बंद करे प्रशासन: SDPI
देर रात घरों में घुसकर कार्रवाई का विरोध — महिलाओं से अभद्रता का आरोप
चौमू (रॉयल पत्रिका)। गुरुवार को चौमू में हुए विवाद को लेकर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) ने गहरी चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
समझाइश के बाद भी क्यों हुई कार्रवाई?
SDPI के जिला अध्यक्ष ने बयान जारी करते हुए कहा कि चौमू की घटना निस्संदेह दुःखद है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुस्लिम समाज के जिम्मेदार व बुद्धिजीवी लोगों ने प्रशासन के साथ बातचीत कर विवाद को समाप्त करने की पहल कर दी थी और आपसी सहमति बन गई थी, तब स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा रात के समय घरों से लोगों को उठाकर हिरासत में लेना पूरी तरह अनुचित है। ऐसी कार्रवाई से आम जनता में पुलिस और प्रशासन के प्रति अविश्वास पैदा हो रहा है।
‘रात 2 बजे की कार्रवाई’ पर गंभीर सवाल
स्थानीय महिलाओं द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं:
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देर रात छापेमारी: महिलाओं का कहना है कि 26 दिसम्बर 2025 (शुक्रवार) को लगभग रात 2 बजे भारी पुलिस बल, जिसमें कई लोग बिना वर्दी के थे, घरों में घुसे और सोते हुए लोगों को जबरन उठा ले गये।
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महिलाओं से अभद्रता: आरोप है कि इस दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ हाथापाई की, अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया।
पार्टी का कहना है कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों पर सीधा हमला है।
असली दोषी बाहर, निर्दोष अंदर?
यह भी आरोप सामने आए हैं कि गुरुवार को जिन लोगों ने कथित रूप से पुलिस पर पथराव किया, उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने कई निर्दोष और सोते हुए लोगों को हिरासत में लिया, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
SDPI की मांग: दोषियों पर हो कार्रवाई, निर्दोष हों रिहा
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (जयपुर जिला) ने महिलाओं के साथ किए गए इस दुर्व्यवहार और बेकसूर लोगों की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है।
SDPI ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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केवल वास्तविक दोषियों को ही चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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जिन निर्दोष लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
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महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पार्टी ने कहा कि प्रशासन को निष्पक्षता दिखानी चाहिए ताकि चौमू क्षेत्र में अमन, शांति और आपसी सौहार्द कायम रह सके।
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