बलिया में मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों पर कार्यवाही
-17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया में मस्जिदों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर 17 लोगों के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी के मुताबिक ये कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट और यूपी सरकार के निर्देशों के उल्लंघन के तहत की गई है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस ने मस्जिदों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर सोमवार को कुल 17 मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई उच्चतम न्यायालय और प्रदेश सरकार के निर्देशों के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
कार्रवाई का विवरण
एसपी ने बताया कि सभी मामलों में मस्जिदों के संरक्षकों और मौलवियों को नामजद किया गया है। संबंधित लोगों को न्यायालय व शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत भी दी गई है।
-
बांसडीह रोड थाने में: गोठहुली मस्जिद के मौलवी मोहम्मद शाहजहां के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जहां दो बड़े लाउडस्पीकर तेज आवाज में उपयोग किए जा रहे थे।
-
भीमपुरा थाने में: शोधनपुर मस्जिद के संरक्षक मोहम्मद सलीम अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में आरोप है कि मस्जिद पर तीन लाउडस्पीकर लगाए गए थे और स्थानीय लोगों के मना करने के बावजूद तेज आवाज में अजान और नमाज अदा की जा रही थी।
-
अन्य स्थान: बलिया शहर कोतवाली में जमुआ मस्जिद के संरक्षक हैदर अली और उमरगंज मस्जिद के संरक्षक गुलाम अरशद के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसके अलावा नगरा, पकड़ी और रेवती थानों में भी कार्रवाई की गई है।
प्रदेश के कई जिलों में चला अभियान
उधर कई जिलों में प्रशासन ने अभियान चलाते हुए मानक से विपरीत वाले लाउडस्पीकर उतरवाए। बस्ती, प्रयागराज, मेरठ और झांसी समेत कई अन्य जिलों की पुलिस ने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग किया और मानक से अधिक ध्वनि वाले लाउडस्पीकरों के विरुद्ध उचित एक्शन लिया।
वहीं, जमीयत उलमा शहर के पूर्व अध्यक्ष जैनुर राशिद्दीन सिद्दीकी ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों के प्रबंधकों से अपील की कि धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर के प्रयोग में नियम-कानूनों का पालन सुनिश्चित करें और आवाज़ मानक के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि नियम-कानून के उल्लंघन पर ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस-प्रशासन कार्यवाही कर सकता है।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
