जयपुर में ध्रुपद यात्रा 2025 में बही सुरों की महफिल
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। ध्रुपद की अनमोल विरासत को सहेजते हुए जयपुर में “ध्रुपद यात्रा 2025” का भव्य आयोजन 21 मार्च को संपन्न हुआ। यह प्रतिष्ठित महोत्सव हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्राचीनतम शैली ध्रुपद को समर्पित रहा, जिसमें देश-विदेश के विख्यात कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। ध्रुपद यात्रा 2025 का आयोजन डागर अभिलेखागार संग्रहालय जयपुर और उस्ताद इमामुद्दीन खान डागर भारतीय संगीत कला एवं संस्कृति सोसायटी द्वारा किया गया। इस आयोजन में शास्त्रीय संगीत के कई प्रतिष्ठित कलाकारों ने भाग लिया। इस महोत्सव को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से साकार किया गया, जिसमें राजस्थान सरकार का कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र जयपुर, राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका), राजस्थान राज्य खान और खनिज लिमिटेड, कॉल प्रो प्रोजेक्ट, रेनबो पैलेट फाइन आर्ट अकादमी और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मीडिया स्टडीज ने भी योगदान दिया।
- प्रदर्शनियों और विशेष आयोजनों ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम की शुरुआत डागर घराने की समृद्ध विरासत को समर्पित एक अनूठी कला प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई, जिसका आयोजन डागर अभिलेखागार संग्रहालय द्वारा किया गया था। इस दौरान रेनबो पैलेट फाइन आर्ट अकादमी के युवा कलाकारों ने लाइव पेंटिंग प्रस्तुत की, जिसमें संगीत से प्रेरित कलाकृतियों का सृजन हुआ। साथ ही, कॉल प्रो प्रोजेक्ट द्वारा भव्य दृश्य प्रक्षेपणों (वीडियो मैपिंग) के माध्यम से शास्त्रीय संगीत के सुरों को दृश्य रूप में जीवंत किया गया। - विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
महोत्सव में डॉ. कृष्ण कांत पाठक, आईएएस मुख्य अतिथि रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में सौभाग्य श्री पद्मिनी कुमारी, डॉ. प्रकाश गिरि, डॉ. तुलसी गिरि गोस्वामी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंच संचालन की जिम्मेदारी सुश्री तनुशा नागराथ ने संभाली, जिनकी गहरी संगीत समझ और आकर्षक प्रस्तुति ने संपूर्ण आयोजन को और भी जीवंत बना दिया।
ध्रुपद की सुरमयी शाम
संगीत संध्या में दर्शकों ने ध्रुपद की सुदीर्घ और गहन परंपरा को अनुभव किया।डॉ. रिंकू लांबा ने श्री ऐश्वर्या आर्य के साथ राग कम्बोजी की प्रस्तुति से कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद मिस सुनीता अमीन ने श्री संजय आगले के साथ पखावज संगत में राग भोपाली में अपनी प्रस्तुति दी। समापन प्रस्तुति में महान ध्रुपद गायक पद्म श्री उस्ताद एफ. वसीफुद्दीन डागर ने अपनी गहन और भावपूर्ण गायकी से श्रोताओं को अभिभूत किया। इस अनमोल संगीत विरासत को सहेजने के लिए जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मीडिया स्टडीज द्वारा संपूर्ण कार्यक्रम का दस्तावेजीकरण किया गया, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी ध्रुपद की इस अनुपम परंपरा से परिचित हो सकें।यह आयोजन भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध धरोहर को संरक्षित और प्रचारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। सभी सहयोगी संस्थानों, कलाकारों, और संरक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, आयोजकों ने आश्वासन दिया कि ध्रुपद यात्रा आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित की जाएगी।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
