गुजरात से आए परिवार ने खरीदी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस
135 अरब रुपये में बिकी PIA — आरिफ हबीब समूह ने जीती बाजी
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने मंगलवार को अपने राष्ट्रीय ध्वजवाहक ‘पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस’ (PIA) के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। एयरलाइन को एक स्थानीय निवेश कंपनी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को 135 अरब रुपये में बेच दिया गया है।
कैसे हुई नीलामी की प्रक्रिया?
पीआइए के निजीकरण के लिए इस्लामाबाद में बोली आयोजित की गई। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लकी सीमेंट, निजी एयरलाइन एयरब्लू और निवेश फर्म आरिफ हबीब सहित तीनों ने अपनी सीलबंद बोलियां एक पारदर्शी बॉक्स में जमा कीं।
बोलियों का गणित: कौन रहा आगे?
जब बोलियां खोली गईं, तो आंकड़े कुछ इस प्रकार थे:
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आरिफ हबीब: 115 अरब रुपये (सबसे ऊंची शुरुआती बोली)
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लकी सीमेंट: 105.5 अरब रुपये
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एयरब्लू: 26.5 अरब रुपये
बोली खुलने के बाद सरकार ने घोषणा की कि संदर्भ मूल्य (Reference Price) 100 अरब रुपये है। नियमों के अनुसार, दो सबसे ऊंची बोली लगाने वालों को शुरुआती नीलामी प्रक्रिया में आगे प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया गया।
135 अरब रुपये में हुआ फाइनल सौदा
आरिफ हबीब और लकी सीमेंट दोनों ने एयरलाइन को हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा की और धीरे-धीरे अपनी बोली बढ़ाते गए। अंततः आरिफ हबीब समूह ने 135 अरब रुपये की बोली लगाई, जिसे किसी ने चुनौती नहीं दी और सौदा पक्का हो गया।
गुजरात कनेक्शन और व्यापारिक सूझबूझ
खास बात यह है कि इस एयरलाइन को खरीदने वाले आरिफ हबीब का परिवार गुजरात (भारत) से आकर पाकिस्तान में बसा है और उन्होंने वहां बड़ा कारोबार खड़ा किया है।
व्यापारिक जगत में माना जाता है कि गुजरातियों के खून में ही कारोबार और व्यापार करना होता है। भारत में भी गुजराती व्यापारियों ने सफलता के झंडे गाड़ रखे हैं और अब पाकिस्तान में भी गुजरात मूल के व्यापारी का यह कदम चर्चा का विषय बना हुआ है।
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