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हनुमान बेनीवाल ने मंच पर फेंका माइक, बीच में छोड़ी सभा: वायरल वीडियो का सच क्या है?

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Hanuman Beniwal Viral Video :

राजस्थान की राजनीति में अपने आक्रामक और बेबाक अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मंच पर अचानक भड़कते हुए, माइक फेंककर कार्यक्रम के बीच से ही जाते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके इस रवैये पर सवाल उठा रहे हैं, तो वहीं उनके समर्थकों ने इसके पीछे एक राजनीतिक साजिश का दावा किया है।
आइए, तथ्यों के आधार पर समझते हैं कि आखिर ताल छापर की उस रात मंच पर हुआ क्या था।

ताल छापर का वह घटनाक्रम: जब मंच पर बिफरे सांसद

यह पूरा घटनाक्रम चूरू जिले के ताल छापर में आयोजित एक देर रात की जनसभा का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हनुमान बेनीवाल मंच से भाषण दे रहे थे, लेकिन अचानक वे किसी बात पर भड़क गए। उन्होंने मंच पर मौजूद लोगों और सामने खड़े कुछ युवाओं को फटकार लगाई, माइक को जोर से मंच पर पटका और बिना अपना भाषण पूरा किए ही भारी नाराजगी जताते हुए कार्यक्रम छोड़कर चले गए।
इस घटना के वीडियो और रील्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल गए, जिन पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने तंज कसते हुए कमेंट किया कि, “नेता जी तो चल दिए, अब गांव की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?” Hanuman Beniwal Viral Video

चूरू। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के चूरू जिले के तालछापर में आयोजित जनसभा के दौरान उस समय अप्रत्याशित स्थिति बन गई, जब सामने की पंक्ति में बैठे कुछ लोगों ने बार-बार व्यवधान उत्पन्न किया। मंच से कई बार समझाने और शांत रहने की अपील के बावजूद जब स्थिति नहीं संभली तो बेनीवाल ने नाराजगी जताते हुए अपना संबोधन बीच में ही समाप्त कर दिया और मंच से चले गए।

आलोचकों के सवाल: “क्या इतना गुस्सा सही है?”

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बेनीवाल के इस रवैये पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। आलोचकों और कई आम यूजर्स का पूछना है कि:
आयोजकों से ऐसी क्या भारी चूक हो गई कि सांसद महोदय को इतना गुस्सा आ गया?
क्या इस तरह मंच पर बिफरना और जनता के बीच से कार्यक्रम छोड़कर जाना एक सही राजनीतिक संदेश देता है?
राजनीति में एक लंबी दूरी तय करने के लिए धैर्य और सूझबूझ की जरूरत होती है। सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र जैसी अहम और सीमावर्ती सीट पर ऐसे बड़े कार्यक्रमों का प्रभाव सकारात्मक होना चाहिए था, न कि विवादित।

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समर्थकों का दावा: “यह विरोधियों की सोची-समझी साजिश थी

वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के समर्थकों ने इस पूरे मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। समर्थकों का दावा है कि ताल छापर की जनसभा में उमड़े भारी जनसैलाब को देखकर विरोधी पार्टियां घबरा गईं और उन्होंने एक साजिश के तहत कुछ ‘शरारती तत्वों’ को सभा में भेजा था।

Tal Chhapar Churu RLP समर्थकों के मुख्य तर्क:

हूटिंग और गलत टिप्पणियां: आरोप है कि कुछ लोग प्लानिंग के तहत मंच के बिल्कुल पास आकर लगातार गलत कमेंट कर रहे थे और हूटिंग कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे।

Nagaur MP Hanuman Beniwal, Rajasthan Politics News : चेतावनी का असर नहीं: स्पष्टीकरण में बताया गया है कि हनुमान बेनीवाल और स्थानीय आयोजकों ने मंच से लगभग 8-10 बार उन लोगों को रुकने और शांत होने के लिए कहा। लेकिन जब वे नहीं माने और अनुशासनहीनता जारी रही, तब बेनीवाल नाराज होकर भाषण बीच में ही छोड़कर चले गए।
दोगुनी मेहनत का संकल्प: RLP कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर निराशा जरूर जताई है, लेकिन उन्होंने इसे एक सबक मानते हुए आगामी पंचायत चुनावों में दोगुनी मेहनत कर विरोधियों को करारा जवाब देने का संकल्प लिया है।

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