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पहले नाम पूछा, फिर दो हिंदुओं को मार दी गोली; कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग

पहले नाम पूछा, फिर दो हिंदुओं को मार दी गोली; कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग

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Kashmir Terror Attack Workers : श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम को पहलगाम जैसा हमला हुआ। आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत हो गई। आतंकियों ने गोलीबारी कर दोनों को घायल कर दिया था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दीपक नाम के व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। वहीं, भूपेंद्र कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख जताया और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

आतंकियों ने रेकी करके यही इलाका चुना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम में हुआ। हमला करने से पहले दो आतंकवादियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के नाम पूछे। इसके बाद फिर छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को समूह से अलग करके गोली मारी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 10-12 राउंड फायर की आवाज सुनी गई। आतंकियों ने हमले से पहले रेकी करके ये इलाका चुना था।

हिंदू लोगों को बनाया निशाना

घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू सिर्फ यही दोनों थे। आतंकी हमले की खबर के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। वहीं पुलिस की गाड़ियां आतंकियों की तलाश में जुट गई हैं।

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गोलियों की तड़तड़ाहट से सहमे लोग

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों मजदूर ईंट भट्ठे के पास ही खड़े थे। अचानक वहां पहुंचे करीब दो आतंकियों ने उन्हें टारगेट करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूर जब तक कुछ समझ पाते, तब तक दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आतंकियों ने दीपक के सीने में सीधे गोलियां मारी हैं। इस कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जीएमसी अनंतनाग के डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून बहने के कारण दीपक (24) की मौत हुई है। घायल भूपेंद्र (28) को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया, यहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

सुरक्षा एजेंसियों का इलाके में तलाशी अभियान शुरू

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को देने के लिए कहा गया है।

जम्मू-कश्मीर में हाल की आतंकी घटनाएं

दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अनंतनाग जिले में एक बड़ा आतंकवादी हमला देखने को मिला था। अनंतनाग में सबसे हालिया आतंकी हमला 22 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। वह हमला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग शहर के व्यस्त व मुख्य बाजार लाल चौक पर हुआ था। हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी निशाना बने थे। अब इस हमले के बाद दक्षिण कश्मीर में फिर बाहरी मजदूरों पर खतरा गहरा गया है।

इससे पहले 18 जुलाई 2026, को आतंकियों ने राजौरी एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एलओसी पर 17 जुलाई की रात संदिग्ध गतिविधि देख भारतीय सेना ने फायरिंग की। तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी हुई। सेना का दावा था कि आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

वहीं 8 जुलाई 2026 को शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया। वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी 14 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था। यह सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का जॉइंट ऑपरेशन था।

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