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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और भतीजा पुलिस रिमांड पर, गमछे से मुंह छिपाते रहे

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और भतीजा पुलिस रिमांड पर, गमछे से मुंह छिपाते रहे

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Ayodhya Ram Mandir Donation Scam : अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Ram Mandir) के चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir Donation Scam) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (Ramashankar Yadav Alias Tinnu) और उसके भतीजे मनीष यादव (Manish Yadav) को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों से पूछताछ में चढ़ावे की रकम, उसके बंटवारे और निवेश से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस दोनों आरोपियों को जिला जेल से पुलिस लाइन स्थित अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद दोनों को विशेष जांच दल (एसआईटी) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के कार्यालय ले जाया गया, जहां उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पूरे समय टिन्नू यादव ने मीडिया और लोगों से बचने के लिए अपने चेहरे को गमछे से ढक रखा। पुलिस अब दोनों आरोपियों को उन जगहों पर भी ले जा सकती है, जहां कथित तौर पर मंदिर के चढ़ावे की रकम का बंटवारा किया जाता था।

कोर्ट ने 39 घंटे की रिमांड दी

पुलिस ने फैजाबाद कोर्ट से दोनों आरोपियों की 7 दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल 39 घंटे की रिमांड मंजूर की। इस दौरान पुलिस दोनों से गहन पूछताछ करेगी और मामले से जुड़े सबूत जुटाने की कोशिश करेगी।

मंदिर में क्या थी दोनों की जिम्मेदारी?

जांच के अनुसार, टिन्नू यादव लंबे समय तक मंदिर प्रशासन से जुड़ा रहा और उसे मंदिर की दानपेटिका (हुंडी) की देखरेख की जिम्मेदारी मिली हुई थी। वहीं उसका भतीजा मनीष यादव मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती का काम करता था। एसआईटी की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दानपेटिका की चाबी टिन्नू यादव के पास रहती थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां मान रही हैं कि वह पूरे मामले की अहम कड़ी हो सकता है।

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घर से मिले लाखों रुपए

पुलिस ने पहले की कार्रवाई में टिन्नू यादव के घर से 1 लाख रुपये और मनीष यादव के घर से 2 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा पहले गिरफ्तार किए गए छह अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, आभूषण और दो चारपहिया वाहन भी बरामद किए जा चुके हैं।

ब्याज पर पैसे देने का भी आरोप

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि टिन्नू यादव ब्याज पर पैसे देने का काम भी करता था। सूत्रों के मुताबिक, उसने अपने भतीजे मनीष को घर बनाने के लिए करीब 30 से 35 लाख रुपये ब्याज पर दिए थे। मनीष का मकान तुलसी चौरा इलाके में बन रहा था, लेकिन चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद निर्माण कार्य रुक गया। इसके अलावा पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि खाकी अखाड़ा क्षेत्र के एक व्यापारी को भी करीब 20 लाख रुपये ब्याज पर दिए गए थे। अब पुलिस इस पैसे के स्रोत और लेन-देन की जांच कर रही है।

रियल एस्टेट निवेश की भी होगी जांच

पुलिस और एसआईटी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं चोरी की रकम को रियल एस्टेट, मकानों, हॉस्टलों या अन्य संपत्तियों में तो निवेश नहीं किया गया। इसके लिए आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का प्रयास है कि मामले से जुड़े नकदी, आभूषण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए जाएं।

पहले भी 6 आरोपी आ चुके हैं रिमांड पर

इस मामले में इससे पहले पुलिस छह अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। उनसे मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और अब मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद यह साफ हो सकेगा कि चढ़ावे की रकम का गबन कैसे किया गया, उसमें कौन-कौन शामिल था और चोरी के पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया।

पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि जांच केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं है। यदि पूछताछ में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी पूरे मामले की हर कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चढ़ावे की रकम कितने समय से गायब की जा रही थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल पुलिस की पूछताछ जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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