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जगन गुर्जर पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी थी; जानें खौफ-दहशत और विवादों की कहानी

जगन गुर्जर पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी थी; जानें खौफ-दहशत और विवादों की कहानी

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Jagan Gurjar Murder Case : अजमेर। राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर बैरक नंबर 5 में बंद थे। पुलिस ने फिलहाल इस वारदात के पीछे किसी गैंगवार से इंकार किया है।

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि डकैत जगन गुर्जर मार्च 2026 से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। वहीं विष्णु 3 साल से बंद था। सोमवार सुबह तक दोनों बंदियों का व्यवहार सामान्य था। दोनों ने सुबह 11 बजे बैरक की सफाई की थी। दोनों ने साथ मिलकर बैरक की सफाई की और कुछ समय तक लूडो भी खेला। दोनों के बीच किसी बड़े विवाद के संकेत नहीं मिले थे। दोपहर करीब 3 बजे चाय वितरण के दौरान जब प्रहरी बैरक में पहुंचा तो जगन बाहर नहीं आया। अंदर जाकर देखा तो वह अचेत अवस्था में पड़ा था। विष्णु से पूछा तो बोला- मैंने मार डाला। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया- एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए। शुरुआती जांच में छोटे-मोटे झगड़े को लेकर यह हत्या हुई है। गैंगवार जैसी कोई बात नहीं है। मामले में जांच जारी है।

कौन है हत्या का आरोपी विष्णु?

पुलिस के अनुसार आरोपी विष्णु पिछले करीब तीन वर्षों से अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है। वह भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी है। कुलदीप जघीना की 12 जुलाई 2023 को हरियाणा-राजस्थान सीमा स्थित आमोली टोल प्लाजा के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसी मामले में विष्णु न्यायिक हिरासत में है।

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चंबल का कुख्यात डकैत था जगन गुर्जर

धौलपुर-चंबल क्षेत्र का रहने वाला जगन गुर्जर कभी चंबल के सबसे कुख्यात डकैतों में गिना जाता था। उसके खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, अपहरण, फिरौती और लूट समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। इसी वर्ष मार्च में उसे अजमेर की हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खौफ ऐसा-कई गांवों में शादियां होनी बंद हो गई थीं

डकैत जगन गुर्जर करीब 32 साल पहले 1994 में जुर्म की दुनिया में कदम रखा। जिसके बाद उसके डाकू बनने का खूनी सिलसिला शुरू हुआ था। उसका ऐसा खौफ था कि डर से कई गांवों में शादियां तक होनी बंद हो गई थीं। उसके खुद के गांव में 10 साल तक कोई शादी नहीं हुई थी। उसकी दहशत से न सिर्फ गांव वाले बल्कि उसके पिता भी गांव छोड़कर चले गए थे। जगन गुर्जर ने अपने जीजा के हत्यारों को भी जान से मार डाला था। चौतरफा बीहड़ों से घिरे धौलपुर के डांग क्षेत्र में उसने अपना ठिकाना बनाया था।

नागौर सांसद ने संसद में उठाई थी एनकाउंटर की मांग

जगन देश का पहला ऐसा डाकू था, जिसके एनकाउंटर की मांग देश की संसद में उठाई गई थी। करीब 10 साल का समय ऐसा था, जब वह राजस्थान सहित यूपी (उत्तर प्रदेश) और एमपी (मध्य प्रदेश) में खौफ का दूसरा नाम बन गया था। जगन पर दर्ज कुल 125 मुकदमों में से आधे से ज्यादा मामले मर्डर, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण और डकैती के थे। कभी राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का महल (धौलपुर पैलेस) उड़ाने की धमकी देने वाले जगन की बाद में स्थिति यह हो गई थी कि वह 3-3 रुपए या पंचर ठीक से नहीं बनाने जैसी छोटी-छोटी बातों पर भी लोगों से मारपीट करने लगा था। इस वजह से उस पर कई छोटे मुकदमे भी दर्ज हुए। वहीं सांसद हनुमान बेनीवाल ने जून 2019 में जगन गुर्जर के एनकाउंटर की मांग उठाई थी।

महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था डकैत जगन

जगन पर 2019 में महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगे थे। धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में दो महिलाओं से मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था। एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी आरोप लगा था।

जगन गुर्जर की हैं तीन पत्नियां

जगन गुर्जर की तीन पत्नियां (ममता, मुकेश और कोमेश) हैं। पहली पत्नी ममता ने 2017 में धौलपुर विधानसभा का उपचुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थी। पुलिस के अनुसार, पिता की हत्या के बाद कोमेश बीहड़ में चली गई और महिला दस्यु के रूप में चर्चित हुई। बताया जाता है कि गर्भवती होने पर वह ऊंट पर सवार होकर बीहड़ से हिंडौन (करौली) पहुंची, जहां एक प्राइवेट हॉस्पिटल में बच्चे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद वह फिर बीहड़ लौट गई। 2008 में बंडपुरा (धौलपुर) के पास पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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