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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अब ताबड़तोड़ छापेमारी, सभी आठ आरोपियों के घर पहुंचीं पुलिस टीमें, अब तक 80 लाख बरामद

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अब ताबड़तोड़ छापेमारी, सभी आठ आरोपियों के घर पहुंचीं पुलिस टीमें, अब तक 80 लाख बरामद

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अयोध्या। उत्तरप्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने एक साथ सभी आठ आरोपियों के घर रविवार सुबह दबिश दी। पुलिस टीमें एक साथ सभी के घर पहुंची और आरोपियों के घरवालों से पूछताछ शुरू की। पुलिस टीम ने पड़ोसियों से बातचीत करके जानकारी जुटाई। पुलिस टीम अनुकल्प मिश्रा, अवनीश शुक्ला, मनीष यादव, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों के आवासों पर पहुंची। घरों की तलाशी लेने के साथ मौजूद परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस इन लोगों से पहले ही 80 लाख रुपए बरामद कर चुकी है।

जांच के दौरान स्थानीय लोगों को भी अपने बयान और साक्ष्य पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घरों के प्रवेश द्वार पर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि जांच में किसी प्रकार का व्यवधान न हो और अनधिकृत लोगों का प्रवेश रोका जा सके। इस मामले में गुरुवार को FIR दर्ज किया गया था। इससे पहले शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस साक्ष्य जुटाने और मामले की विवेचना को आगे बढ़ाने में जुटी है। वहीं शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को इस्तीफा सौंपा।

बता दें कि 6 जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद गुरुवार की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

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कर्मियों ने चढ़ावा धनराशि की चोरी की

रामजन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर में कृष्ण मोहन ने बताया कि मंदिर में चढ़ावा धनराशि के गबन/चोरी के संबंध में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जांच में ये हैं मुख्य आरोपी, जानें कौन क्या करता था?

1- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: ये चंपत राय का करीबी है। मंदिर की हर व्यवस्था में हस्ताक्षेप रहता था। गणना प्रक्रिया की देखरेख भी करता था। गणना कक्ष की चाबी इसके पास रहती थी। ये घटना का अहम किरदार है।

2- लवकुश मिश्रा : ये अनिल मिश्र का रिश्तेदार है। अनुकल्प का साला है। इसकी ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी। इसके घर से चोरी की रकम बरामद हुई थी।

3- अनुकल्प मिश्रा : ये लवकुश मिश्रा का जीजा है। अनिल मिश्र का रिश्तेदार है। इसकी ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी। इसके घर से चोरी की रकम बरामद हुई थी।

4- मनीष यादव : ये टिन्नू यादव का भतीजा है। गणना प्रक्रिया में ये शामिल रहता था। इसके पास से भी चोरी की रकम बरामद हुई थी।

5 – अविनाश शुक्ला : ये भी ड्यूटी गणना में लगती थी। इसके बैंक खाते से पांच लाख रुपये बरामद होने की चर्चा थी।

6- सुभाष श्रीवास्तव : ये गणना इंचार्ज था। गणना की पूरी प्रक्रिया इसकी निगरानी में होती थी।

7- करुणेश पांडेय : अनुकल्प व लवकुश के साथ पूरी साजिश में शामिल रहे।

8- रमाशंकर मिश्र : अनुकल्प व लवकुश के साथ पूरी साजिश में शामिल रहे।

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