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‘हम लड़ेंगे और मजबूती से आगे बढ़ेंगे’, इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद बोले खड़गे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की

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नई दिल्ली। दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का ऐलान किया। बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी दल अब और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे और जनता के मुद्दों को लगातार उठाएंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत हुआ है और आने वाले समय में सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की तैयारी की जाएगी। खरगे ने साफ कहा कि हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।

बैठक में 25 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया

दिल्ली में हुई इस बैठक में करीब 25 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया। इनमें उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ऑनलाइन जुड़े, जबकि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई शामिल हुए। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- 2 घंटे से ज्यादा चली बैठक में 5 मुद्दों पर सहमति बनी है। NEET में देश के युवाओं के साथ धोखा हुआ है। NEET और CBSE की गड़बड़ी के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं, वह तुरंत इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि गठबंधन हर 2 महीने में महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर बैठक करेगा। SIR और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर INDIA ब्लॉक CJI को लेटर भी लिखेगा। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। मानसून सत्र के दौरान भी विपक्ष बैठक करेंगे।

महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरने की तैयारी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बैठक में आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही। वहीं विपक्ष का कहना है कि बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी ने युवाओं और मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। इंडिया ब्लॉक ने तय किया है कि आने वाले महीनों में इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। विपक्षी दलों का मानना है कि यही मुद्दे आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

विदेश नीति और वोटर अधिकारों पर भी उठे सवाल

बैठक में खरगे ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक विदेश नीति कमजोर हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति प्रभावित हुई है। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों लोगों को मतदान अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होना जरूरी है। गठबंधन ने इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला भी किया है।

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विपक्ष अब हर दो महीने में करेगा बड़ी बैठक?

खरगे ने घोषणा की कि इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन अब हर दो महीने में बैठक करेगा ताकि सभी दलों के बीच तालमेल मजबूत रहे। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि लोकसभा में 17 अप्रैल 2026 को संविधान संशोधन विधेयक को हराकर विपक्ष ने अपनी एकजुटता साबित की थी। अब उसी एकता को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि संसद के भीतर और बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाई जाएगी।

2029 की लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इंडिया ब्लॉक अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर चुका है। विपक्षी दल लगातार साझा मुद्दों और संयुक्त अभियानों पर जोर दे रहे हैं। खरगे ने कहा कि जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। बैठक के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई अब और आक्रामक तरीके से लड़ी जाएगी।

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