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शादी में बवाल! दबंगों ने दलित दुल्हन को घोड़ी से उतारा…विरोध में घोड़ी पर कलेक्ट्रेट पहुंची पूजा मेघवाल

शादी में बवाल! दबंगों ने दलित दुल्हन को घोड़ी से उतारा…विरोध में घोड़ी पर कलेक्ट्रेट पहुंची पूजा मेघवाल

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उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज में आज भी मौजूद जातिगत भेदभाव और संकीर्ण सोच पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में एक तरफ विकास, समानता और आधुनिक सोच की बातें होती हैं, लेकिन दूसरी तरफ आज भी कुछ लोग पुरानी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। यही वजह है कि एक दुल्हन का घोड़ी पर बैठना भी कुछ लोगों को बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने शादी समारोह में हंगामा खड़ा कर दिया। यह घटना उदयपुर जिले के डबोक थाना क्षेत्र के हरियाऊ गांव का है।

यहां रहने वाली पूजा मेघवाल की शादी 29 अप्रैल को थी। शादी के दौरान गांव में बिंदौली निकाली जा रही थी। राजस्थान में शादी के समय दूल्हा या दुल्हन का घोड़ी पर बैठकर निकलना खुशी और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। पूजा मेघवाल भी अपनी शादी की रस्म के तहत घोड़ी पर सवार थीं और परिवार के लोग खुशी से समारोह में शामिल थे। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों को दुल्हन का घोड़ी पर बैठना पसंद नहीं आया। उन्होंने बीच रास्ते में बिंदौली को रोक दिया और पूजा मेघवाल को घोड़ी से नीचे उतरने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी की गई। इस घटना के बाद शादी की खुशियां अचानक तनाव और डर में बदल गईं।

पीड़िता पूजा मेघवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें बहुत अपमान महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि शादी जैसा खुशी का दिन उनके लिए दर्दनाक याद बन गया। पूजा ने कहा, “मुझे जबरन घोड़ी से उतारा गया। मेरे परिवार वालों के साथ मारपीट की गई। उस समय मैं बहुत डर गई थी और मुझे लगा कि सिर्फ मेरी जाति की वजह से ऐसा किया गया।” इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है। घटना के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया, जहां लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं और ऐसे ही अन्य अनुभव साझा किए। वहीं इस घटना के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) व अन्य दलित संगठनों ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की। लोगों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की और कहा कि आज भी समाज में जातिवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि ग्रामीण इलाकों में अब भी दलित समाज के लोगों को शादी-ब्याह और सामाजिक आयोजनों में भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंची दुल्हन

इस घटना के विरोध में गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता और दलित समुदाय के लोग बड़ी संख्या में नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और वहां से उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। इस दौरान पूजा मेघवाल भी उनके साथ थीं और आरोपियों को उनकी जगह दिखाने के लिए घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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पुलिस की निष्पक्षता को लेकर उठे सवाल

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिंदौली के दौरान दुल्हन को घोड़ी से उतारने की घटना में कुछ महिलाओं सहित करीब एक दर्जन लोग शामिल थे, लेकिन अब तक केवल चार आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपने की मांग की।

भीम आर्मी ने की कार्रवाई की मांग

उधर भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र हटवाल ने कहा कि पुलिस को केवल औपचारिक कार्रवाई करने के बजाय सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।

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