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रूस के कामचटका में 7.8 तीव्रता का भूकंप: सुनामी का अलर्ट जारी

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आफ्टरशॉक और सुनामी अलर्ट से मची दहशत

मोस्को (एजेंसी)। रूस का कामचटका प्रायद्वीप दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखीय और भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहां शुक्रवार सुबह एक बार फिर धरती इतनी जोर से हिली कि लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से महज़ 10 किलोमीटर की गहराई पर था। झटके राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से लगभग 128 किलोमीटर दूर दर्ज किए गए।

आफ्टरशॉक और सुनामी की चेतावनी

मुख्य भूकंप के तुरंत बाद पांच आफ्टरशॉक महसूस किए गए जिनकी तीव्रता 5.8 के आसपास रही। भूकंप के बाद तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र में 30 से 62 सेंटीमीटर तक ऊंची लहरें उठीं, हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। तटवर्ती इलाकों में पुलिस, बचाव दल और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।

गवर्नर का बयान

कामचटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने कहा कि क्षेत्र की सभी आपातकालीन सेवाएं तैयार हैं। लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अभी तक किसी भी तरह के बड़े नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है।

लगातार बड़े झटके

गौरतलब है कि बीते तीन महीनों में यह चौथा बड़ा भूकंप है जिसकी तीव्रता 7.0 से अधिक दर्ज की गई है। इससे साफ है कि कामचटका का इलाका इस समय भूकंपीय गतिविधियों के मामले में बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर की “रिंग ऑफ फायर” बेल्ट में स्थित यह इलाका लगातार प्लेट टेक्टॉनिक गतिविधियों का सामना करता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

सोशल मीडिया पर लोगों ने भूकंप के कई वीडियो शेयर किए हैं। इन वीडियो में घरों के भीतर फर्नीचर, पंखे और लाइटें जोर-जोर से हिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। सड़क पर खड़ी गाड़ियां भी झटकों से हिलती हुई नज़र आईं। कई लोग डर के मारे घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

वैज्ञानिकों की राय

रूसी स्टेट जियोफिजिकल सर्विस ने बाद में जानकारी दी कि शुरुआती 7.8 तीव्रता वाले भूकंप की शक्ति घटकर 7.4 मापी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी उथली गहराई (10 किलोमीटर) पर आए भूकंप का असर अधिक महसूस होता है। यही कारण है कि झटके बेहद तेज और खतरनाक प्रतीत हुए। हालांकि समुद्र में ज्यादा ऊंची लहरें नहीं उठीं जिससे बड़े पैमाने पर सुनामी के खतरे से फिलहाल राहत मिली है।

कामचटका की भौगोलिक स्थिति

कामचटका प्रायद्वीप रूस के सुदूर पूर्व में स्थित है और यह क्षेत्र ज्वालामुखियों के लिए मशहूर है। यहां 300 से अधिक ज्वालामुखी हैं जिनमें से लगभग 30 सक्रिय माने जाते हैं। इस क्षेत्र की आबादी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। 1952 में आए 9.0 तीव्रता के भूकंप ने इस इलाके में भारी तबाही मचाई थी।

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आम जनता पर असर

भूकंप के कारण कामचटका के कई इलाकों में लोग पूरी रात दहशत में रहे। हालांकि बिजली-पानी की आपूर्ति सामान्य बनी रही। प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को अस्थायी तौर पर बंद रखने का फैसला किया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने और जरूरी सामान तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। कामचटका का यह भूकंप एक बार फिर यह याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं पर मानव का नियंत्रण नहीं है। भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी जैसे खतरे प्रकृति की उस शक्ति का संकेत हैं जो पलभर में बड़े-बड़े शहरों और ढांचों को प्रभावित कर सकती है। रूस की सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है कि कैसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जाए। इस भूकंप से अभी तक किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन लगातार आ रहे झटके इस बात की चेतावनी हैं कि कामचटका और इसके आसपास के क्षेत्रों को हमेशा उच्चतम सतर्कता पर रहना होगा।

 

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