11 फरवरी: विश्व यूनानी दिवस पर हकीम अज़मल खां को श्रद्धांजलि
जयपुर, (रॉयल पत्रिक)। यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रख्यात चिकित्सक हकीम अज़मल खां की जयंती के अवसर पर 11 फरवरी को विश्व यूनानी दिवस मनाया जाएगा। हकीम अज़मल खां ने यूनानी चिकित्सा के विकास और प्रसार में अहम भूमिका निभाई थी। हकीम अज़मल खां का जन्म 11 फरवरी 1868 को दिल्ली के करोल बाग स्थित शरीफ मंज़िल में हुआ था। वे न केवल एक कुशल चिकित्सक थे बल्कि समाज सुधारक और शिक्षाविद् भी थे। उन्होंने गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया और अमीरों से वसूले गए धन का उपयोग यूनानी चिकित्सा के विस्तार के लिए किया। उनके प्रभावी इलाज के कारण उनकी दवा पेटी को लोग “जादुई दवा पेटी” कहते थे। ब्रिटिश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें “हाजिक-उल-मुल्क” की उपाधि प्रदान की थी, जबकि भारत में उन्हें “मसीहा-ए-हिन्द” के नाम से जाना जाता था। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिब्बिया कॉलेज सहित कई शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों की स्थापना की।

इस बारे में जानकारी देते हुए SMS अस्पताल, जयपुर के यूनानी चिकित्सक डॉ. लियाक़त अली मंसूरी ने बताया कि हकीम अज़मल खां ने यूनानी चिकित्सा के पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उनके योगदान को सम्मान देने और यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए हर साल 11 फरवरी को विश्व यूनानी दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें यूनानी चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञों और चिकित्सकों द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
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