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जयपुर के उत्कर्ष कोचिंग इंस्टीट्यूट में अचानक 10 छात्र-छात्राएं हुए बेहोश

Jaipur

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जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजधानी जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट कोचिंग में अचानक स्टूडेंट्स के बेहोश होने का मामला सामने आया है। रविवार देर शाम को क्लास रूम में ही स्टूडेंट्स की सांसे फूलने लगी। उसके बाद सभी को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि कोचिंग में क्लास के दौरान एसी के अंदर से गैस की बदबू आई, जिससे स्टूडेंट्स बेहोश होने लगे। हालांकि, सभी छात्र-छात्राओं की हालत में सुधार बताया जा रहा है। जयपुर में निजी कोचिंग संस्थान उत्कर्ष कोचिंग में छात्रों के बेहोश होने के मामले के बाद अब ग्रेटर नगर निगम ने कार्रवाई की है। नगर निगम ने कोचिंग संस्थान को अस्थायी रूप से सीज कर दिया है, और इस मामले की जांच पूरी होने तक यह सीज रहेगा। नगर निगम के मानसरोवर जोन ने इस मामले में सख्त कदम उठाया है। इस घटना के बाद, छात्रों ने प्रदर्शन किया और कोचिंग संस्थान पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़, पूर्व अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित सैकड़ों छात्र शामिल हुए। छात्रों का कहना था कि कोचिंग संस्थान के प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उत्कर्ष कोचिंग में दम घुटने की घटना के बाद तीन छात्रों को प्राथमिक इलाज के बाद SMS अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि दो छात्रों का इलाज अस्पताल में जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस मामले को लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लिया और आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया। आयोग ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, पुलिस कमिश्नर, जिला कलेक्टर, और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। आयोग ने कोचिंग संस्थान प्रबंधन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और छात्रों को उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग की है। साथ ही आयोग ने 15 जनवरी को इस मामले पर सुनवाई से पूर्व रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कोचिंग संस्थान में गैस रिसाव के कारण छात्रों के बेहोश होने को गंभीर घटना माना है और इसे तत्काल सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच

बेहोश होने वालों में 8 लड़कियां, दो लड़के और एक खानसामा भी शामिल है। अधिकारियों ने ‘भोजन विषाक्तता’ की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि पीड़ित स्टूडेंट्स की हालत अब ‘सामान्य’ है। इलाके में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत के कारण यहां सात बच्चों को भर्ती करवाया गया था हालांकि दो बच्चों को अन्यत्र ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि सभी बच्चों को सांस लेने में समस्या थी और उन्हें लगातार खांसी हो रही थी लेकिन उन्हें कोई अन्य समस्या नहीं थी। फिलहाल पुलिस गैस रिसाव के कारण और उससे जुड़ी जानकारी जुटाने में पुलिस लगी हुई है।

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