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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मौत का मंजर; दौसा में स्लीपर बस ट्रेलर भिड़ी, 8 की मौत, इनमें 6 जिंदा जले

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मौत का मंजर; दौसा में स्लीपर बस ट्रेलर भिड़ी, 8 की मौत, इनमें 6 जिंदा जले

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Dausa Bus Truck Collision : दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस की आगे चल रहे ट्रक से भिड़ गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। हादसे में आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 लोग घायल हुए हैं। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर में चोट लगने के कारण हुई है। हादसा कोलवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब 2.30 बजे हुआ। पुलिस को आशंका है कि बस ड्राइवर को झपकी आने के कारण एक्सीडेंट हुआ है। हादसे को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित अनेक नेताओं ने दुख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दौसा में हुए हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि का समाचार पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।

राज्यपाल ने भी शोक व्यक्त किया

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने दौसा में दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेस पर हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने हादसे में घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है। वहीं जिला कलेक्टर सौम्या झा ने हादसे की जांच के लिए 8 सदस्यीय टीम बनाई है। टीम को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।

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पूर्व CM ने जताया शोक

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हुई एक भीषण सड़क हादसे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दुख जताया। उन्होंने लिखा कि दौसा जिले में दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेस वे पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु होने का समाचार बेहद दुखद है। इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

सांसद बोले, लगातार बढ़ रही हादसों की संख्या

दौसा कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा कि हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है और 11 लोग गंभीर हैं। तेज रफ्तार के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। एसी बसों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए।

विधायक बोले- इमरजेंसी गेट के कारण फंसे

वहीं दौसा कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा का दावा है कि स्लीपर बस में आग लगने के बाद पैसेंजर्स बाहर ही नहीं निकल सके। इसका बड़ा कारण है बस का इमरजेंसी गेट ही नहीं खुला।

अधिकारी बोले, हादसे के बाद कबाड़ हुए दोनों वाहन

मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहना है कि बस के अंदर कुछ नहीं बचा है। बस और ट्रेलर पूरी तरह से कबाड़ में बदल गए हैं। आग बुझने के करीब तीन घंटे बाद बस के अंदर जांच की जा रही हैं। सिगरेट भरे होने के दावों पर पुलिस ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है।

यात्री बोले, तुरंत नहीं मिली मदद

बस के पैसेंजर ने बताया कि स्लीपर हंस ट्रेवल्स की थी। मंगलवार शाम करीब 5 बजे बस ऋषिकेश से इंदौर के लिए निकली थी। एक्सीडेंट के तुरंत बाद बस में आग लग गई थी। करीब एक घंटे तक घायलों को कोई मदद नहीं मिली। इंदौर के रहने वाले चंद्रप्रकाश गुप्ता ने बताया- वो अपनी के साथ मंगलवार शाम 5 बजे बस में बैठे थे। हादसे के बाद बस में आग लग गई। आग लगने के बाद किसी ने मुझे खींचकर बाहर निकाला। इसके बाद मैंने पत्नी को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसका पैर फंसा हुआ था। वह बेहोश हो गई थी। धुआं भरने से दम घुट रहा था। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मदद का प्रयास कर रहे थे। बस से बाहर निकलते समय रास्ते में एक व्यक्ति लहूलुहान मिला, उसे भी बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग को फोन किया। तब तक करीब साढ़े तीन बज चुके थे। करीब एक घंटे तक कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा। सब जलते रहे, कितने लोग जिंदा जल गए। वहीं रेस्क्यू के लिए पहुंचे एक ग्रामीण ने बताया कि आग में फंसे पैसेंजर्स चीख-पुकार रहे थे। आग बुझाने के दौरान बस की डिक्की में सिगरेट से भरे कई बॉक्स नजर आए थे। आशंका है कि इनके कारण आग ज्यादा भड़की थी।

9 घायलों की हुई पहचान

दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने बताया कि स्लीपर बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी। दौसा जिले के तनावड़ में जीरो पॉइंट पर एक्सीडेंट हो गया। हादसे में पांच लोगों की जलने से और दो लोगों की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हुई है। वहीं, अब तक 9 घायलों की पहचान हुई है।

13 लोगों की हालत गंभीर, 4 लापता

दौसा हॉस्पिटल के पीएमओ डॉक्टर आर के मीणा ने बताया कि 8 लोगों की मौत हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही हो गई थी। वहीं, 13 लोगों की हालत अब भी गंभीर है। गंभीर घायलों में-

1. चंद्रप्रकाश (66) पुत्र हीरालाल, निवासी डबरा (मध्य प्रदेश)
2. विशुलाल (65) पुत्र बलवंत सिंह, निवासी भिलसेड़ी, (मध्य प्रदेश)
3. जितेंद्र पांडे (45) निवासी दशहरा मैदान, पटेल कॉलोनी
4. शिखा (31) निवासी नीम का थाना, सीकर
5. नेहा (26) निवासी ओंकारेश्वर के पास, इंदौर (मध्य प्रदेश)
6. प्रदीप (26) पुत्र नरेंद्र, निवासी इंदौर (मध्य प्रदेश)
7. सुवानंद (25) पुत्र राजेश, निवासी सुदामा नगर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
8. दिव्या (25) पुत्री दीपक, निवासी बडवाह (मध्य प्रदेश)
9. महक (22) पुत्री महेश, निवासी इंदौर (मध्य प्रदेश)
10. योगानी (21) पुत्री सेलेन्द्र, निवासी इंदौर (मध्य प्रदेश)
11. दिशा (19) पुत्री संजय, निवासी नंदा नगर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
12. अभिनव पांडे (13) पुत्र जितेंद्र, निवासी दशहरा मैदान, पटेल कॉलोनी
13. याचिका (7) पुत्री दीपक तंवर, निवासी ओंकारेश्वर के पास, इंदौर (मध्य प्रदेश)

वहीं हादसे के बाद चार लोग लापता है। लापता लोगों में-

1. दीपू (60) पुत्र नरवत सिंह निवासी रामपुरा कला, सीहोर (मध्यप्रदेश)
2. प्रियंका (33) पत्नी जितेंद्र पांडे निवासी बड़वाह (मध्य प्रदेश)
3. भूमि (20) भोर पुत्री भारत भोर निवासी बजरंग नगर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
4. निर्मला पत्नी चंद्रप्रकाश निवासी इंदौर

हादसे की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित

दौसा कलेक्टर सौम्या झा ने बताया कि मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी शवों के सैंपल आज ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे। उम्मीद है कि आज देर रात या बुधवार सुबह तक सभी मृतकों की पहचान हो जाएगी। अभी तक तीन मृतकों की पहचान हो चुकी है, लेकिन प्रशासन सभी मृतकों के नामों की आधिकारिक सूची एक साथ जारी करेगा। जिला कलेक्टर ने दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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