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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मजबूत हुए

Jaipur

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राजस्थान प्रदेश की सात सीटों पर विधानसभा उपचुनाव हुआ, जिनमें से भाजपा ने पांच सीटें जीत ली हैं। भाजपा ने चार सीटें कांग्रेस और आरएलपी से छीनी हैं जबकि एक सीट पहले भी भाजपा की थी। उप चुनाव में जीत से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व को और मजबूती मिली है। भाजपा के शीर्ष नेताओं में भी मुख्यमंत्री का भरोसा बढ़ा है। वैसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो पहली बार विधायक जीतने के बाद मुख्यमंत्री बन गए। भाजपा के एक साधारण कार्यकर्ता का मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचना भाजपा के और मजबूती के संकेत हैं।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान के विकास के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। एक तरफ दक्षता से सरकार चलाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है तो दूसरी तरफ उद्योगपतियों से और विदेशी निवेशकों को प्रदेश में फैक्ट्री, कारखाने, व्यापारिक केंद्र आदि खोलने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक छोटे से कार्यकाल में प्रदेश के हर क्षेत्र में पकड़ मजबूत की है।  पार्टी में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि पुरानी दिग्गज भाजपाई यदि उनके साथ दें तो ठीक है नहीं तो वह अपने बूते पर सरकार चला कर बताएंगे। मुख्यमंत्री शर्मा ने उपचुनावों को गंभीरता से लिया और कांग्रेस के गढ़ में भी भाजपा को जीत दिलवाई।  मुख्यमंत्री स्वयं हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो बार गए और प्रचार के साथ-साथ फीडबैक भी लेते रहे। प्रदेश में अब कोई भी भाजपाई दिग्गज, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है।  भाजपा के बड़े नेता डॉक्टर किरोडी लाल मीणा भी कमजोर होते जा रहे हैं, मीणा समाज में उनकी पकड़ ढीली होती जा रही है। दौसा उपचुनाव में डॉ. किरोडी लाल मीणा अपने भाई को भी विधायक का चुनाव नहीं जिता पाए। पहले डॉ किरोडी लाल मीणा को मुख्यमंत्री का दावेदार माना जाता था। डॉ. किरोडी लाल मीणा स्वयं को पार्टी द्वारा मंत्री बनाए जाने से नाराज थे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राजेंद्र राठौड़ भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुकाबले कमजोर दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नजदीक होने के कारण पूरे पाँच वर्ष तक सरकार आसानी से चलाएंगे, ऐसा माना जा रहा है। यदि राजस्थान का विकास उनके कार्यकाल में तेजी से होता है तो भजनलाल प्रदेश के बड़े नेता ही नहीं एक कभी नहीं भूलने वाले नेता भी बन सकते हैं।

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