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भाजपा का वर्चस्व कायम, मिला मजबूत नेतृत्व का फायदा

jaipur

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जयपुर(रॉयल पत्रिका)। महाराष्ट्र चुनाव में धमाकेदार जीत से भाजपा का वर्चस्व भारतीय राजनीति में कायम रहा। लोकसभा चुनाव में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि अब भाजपा के अच्छे दिन ज्यादा नही रहने वाले हैं और माना जाने लगा था कि हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखण्ड विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा नेतृत्व को केन्द्र में सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन कयासों के विपरीत भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मादी और अमितशाह की जुगलबंदी और मजबूत नेतृत्व की बदोलत हरियाणा एवं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत ही हासिल नही की बल्कि धमाकेदार जीत हासिल की। कमजोर पड़ती भाजपा के लिए आरएसएस ऑक्सीजन का काम करती है। आरएसएस भाजपा को कमजोर नही पड़ती है और उसके नेताओं को चाबुक से रास्ते पर बने रहने के लिए दबाब बनाए रखती है। भाजपा और आरएसएस की योजना काबिले तारीफ है। हिन्दु समाज में सैकड़ो जातियो और उपजातियों की परेशानियों के चलते उन्हैं भाजपा की तरफ आकर्षित करना काबिले तारीफ है। भाजपा के लिए सबसे ज्यादा खतरा रहने वाला दलित समाज और उसके नेता वर्तमान में ताकतविहीन है। दलित नेता अब ज्यादा चुनौती खड़ी करने की स्थिति में नही है। दूसरी तरफ भाजपा को हराने का ठेकेदार बना मुस्लिम समाज आज अलग थलग पड़ा हुआ है। मुस्लिम समाज में लीडरशिप करीब-करीब खत्म होती जा रही है। देश में कई जगह मुस्लिम समाज ने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों को वोट देकर जिताया है। भाजपा के मजबूत नेतृत्व के कारण देशा में बिखरा हुआ विपक्ष और कमजोर होता जा रहा है। विपक्षी पार्टी परिवारवादी, स्वार्थी नेताओं की भरमार होने के कारण चुनाव दर चुनाव हार रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कुछ उनकी टीम के नेता ही पार्टी के लिए मजबुती से काम करने में लगे हुए ज्यादातर कांग्रेसी नेता गुटबाजी करते है और अपने परिवारों को राजनीति में स्थापित करने में लगे रहते है। देश में क्षेत्रीय दल जैसे समाजवादी पार्टी, राजद, शिवसेना (उद्धव), राकापा आदि पर्टिया परिवारों तक सीमित है और अपने स्वार्थ की खातिर ही राजनीति करती है। इसलिए कहा जा सकता है कि कांग्रेस को सबसे पहले अपनी पार्टी में अन्दर से सुधार करना चाहिए, पार्टी का संगठन मजबूत बनाना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नीतियां सही है लेकिन पुराने नेताओं और स्वार्थी नेताओं को पार्टी से दूर करना पड़ेगा, जब कांग्रेस मजबूत होगी।

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