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लॉ की डिग्री के बाद करियर की ढेरों संभावनाएं

rajasthan

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प्रोफेशनल कोर्स लॉ करने के बाद अक्सर कई लोगों को लगता है कि केवल आप वकील बन सकते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है लॉ करने के बाद केवल वकील ही नही, उसके अलावा भी कई ऑप्शन हैं। औद्योगिक, साइबर, प्रशासनिक जैसी हर गतिविधि में कानून के जानकारों की आवश्यकता पड़ती है। कई सरकारी नौकरियों में लॉ की डिमांड होती है। नए दौर में कानून के जानकारों के लिए कॉरपोरेट वर्क कल्चर भी सामने आया है। लॉ करने के बाद कई संभावनाएं देखने को मिल रही है।

कानून के सिलेबस में मेंक्रिमिनल लॉ, कॉरपोरेट लॉ (corporate law), पेटेंट कानून (patent law), साइबर लॉ (Cyber law), फैमिली लॉ, बैंकिंग लॉ, टैक्स लॉ आदि होते हैं। इसमें प्रवेश करने के लिए LLB की डिग्री मिलने के बाद वकालत करने के लिए स्टेट बार कॉउन्सिल में एनरोल कराना होता है। इस मामले में एक्सपर्ट का कहना है कि यह एक हाई प्रोफाइल और सुपर स्पेशियलाइज्ड फील्ड है। हर क्षेत्र में शामिल रहने की वजह से हम इसे न्यू इमर्जिंग फील्ड भी कह सकते हैं। कानून का क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है, जहां गवर्नमेंट और प्राइवेट, दोनों सेक्टर में काफी अच्छी संभावनाएं हैं। यहां पर हाई पेइंग करियर है, इसमें पढ़ने की आदत होने के साथ, प्रेजेंटेशन स्किल्स, कॉम्यूनिकेशन स्किल का होना बहुत काम आता है।

प्रवेश परीक्षा एवं कोर्स

भारत में लॉ कोर्सेज (Law Courese) में एडमिशन के लिए छात्र को क्लैट (सीएलएटी), एआईएलईटी, एलसैट इंडिया (एलएसएटी) जैसी प्रवेश परीक्षा देनी होती है। बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) कोर्स के दो विकल्प उपलब्ध हैं, 3 वर्ष की अवधि का एलएलबी कोर्स (Law Courese), ग्रेजुएशन डिग्री के बाद कर सकते हैं। अंडरग्रेजुएट (UG) छात्रों के लिए 5 वर्ष की अवधि का इंटीग्रेटेड कोर्स उपलब्ध है। इंटीग्रेटेड कोर्स में बीए, बीबीए जैसे ग्रेजुएट प्रोग्राम्स एलएलबी डिग्री के साथ शामिल मिलेंगे।

कहां कर सकते हैं नौकरी

सरकारी नौकरी के भी मौके है, बार कॉउंसिल की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद आप सरकार और उसके विभिन्न विभागों के लिए केस लड़ सकते हैं। जो आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन है। लॉ करने के बाद आप बतौर एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में खुद की प्रैक्टिस कर सकते हैं। किसी सीनियर वकील के साथ रहकर आप प्रैक्टिस कर सकते हैं। अपनी पसंद के अनुसार, सिविल, टैक्स, क्रिमिनल, कॉरपोरेट क्षेत्र चुन सकते हैं।

सरकारी नौकरी

राज्य सरकार और केंद्र सरकार समय-समय पर जुडिशल सर्विस और सिविल सर्विस की परीक्षा आयोजित करती हैं, इन परीक्षा को पास करके आप कोर्ट में जज तथा अन्य ऊंचे पदों पर कार्य कर सकते हैं। इन पदों पर सैलरी के साथ-साथ कई सुविधाएं भी जाती है। जुडिशल क्लर्कशिप या लॉ क्लर्क, जज के सहायक के तौर पर कार्य करते हैं। ये जज को विधि संबंधी या केस से सम्बंधित अनुसंधान में सहायक का कार्य करते हैं।क्लर्कशिप की परीक्षा पास करने के बाद आप इस पद पर सेवा कर सकते हैं।

प्राइवेट सेक्टर

बड़े औद्योगिक घरानों और लॉ फर्म्स में व्यावसायिक समस्याओं और अन्य कानूनी समाधान के लिए लीगल एनालिस्ट की जरूरत होती है। एक लीगल एनालिस्ट के वार्षिक पैकेज की शुरुआत प्रति वर्ष 6 से 10 लाख रुपये सैलरी से होती है। स्टार्टअप्स और सोशल वर्क से संबंधित संगठनों में भी कानून के जानकारों की आवश्यकता होती है। विदेश से लॉ की डिग्री आपके लिए वैश्विक अवसर मिलती है। इसके अलावा बहुत से उद्योगपति, कंपनियां, नेता तथा संस्थाएं न्यायिक अड़चनों से निपटने के लिए लीगल एडवाइजर नियुक्त करते हैं। बर्शते आपकी नॉलेज अच्छी होनी चाहिए।

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