– कोटा प्रभारी मंत्री ने लक्ष्मीपुरा में किया तालाब का निरीक्षण, पौधारोपण भी किया
जयपुर,(रॉयल पत्रिका)। ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान पखवाड़े के अंतर्गत शुक्रवार को कोटा जिले के प्रभारी एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने शुक्रवार को सांगोद उपखंड की कुराडिया ग्राम पंचायत के लक्ष्मीपुरा गांव में अटल भूजल योजना के तहत 1.40 करोड़ की लागत से निर्मित तालाब का निरीक्षण किया। दक ने तालाब की डाउन स्ट्रीम में वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री दक ने कहा कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री ने बावड़ियों,तालाबों, बांधों एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई और उनके संरक्षण की दिशा में भागीरथी प्रयास शुरू किए हैं। उनके प्रयासों को हमें आगे बढ़ाना है।
अभियान से जागृत होगी सामूहिक जन चेतना—
दक ने कहा कि स्वच्छ जल स्रोतों के पुनरुद्धार एवं संरक्षण की दिशा में इस अभियान से सामूहिक जन चेतना जागृत होगी। उन्होंने वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है। पानी के बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। इसे पैदा नहीं किया जा सकता इसलिए इसे सुरक्षित करके ही बचाया जा सकता है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ते हुए हम सभी को अपने-अपने क्षेत्र में जल स्रोतों को सुरक्षित करना होगा।
जल एवं वृक्ष बचाने का दिया संदेश—
प्रभारी मंत्री ने वहां उपस्थित लोगों को जल एवं वृक्ष बचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर कोटा जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, कोटा जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री दक ने पंचायत समिति सांगोद के कोटड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा— निर्देश दिए।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।