चंद्रशेखर आजाद मुसलमानों की आवाज उठा रहे हैं
उन्होंने कहा कि जब कावड़ यात्रा के लिए कई दिनों के लिए सड़के बंद हो सकती हैं तो नमाज के लिए आधा घंटा क्यों नहीं
-कांग्रेस सांसद ने जवाब देते हुए कहा कि सड़क पर नमाज अल्लाह को भी कबूल नहीं
जयपुर । आजाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चन्द्रशेखर ने अपनी भविष्य की राजनीति शुरू कर दी है । सांसद चंद्रशेखर आजाद उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में दलित मुस्लिम का मजबूत गठजोड़ चाहते हैं । यही कारण है कि उन्होंने संसद में दलितों पीड़ितों, पिछड़ों के साथ-साथ मुसलमानो की भी आवाज उठाई । संसद के बाहर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रा के लिए कई दिनों तक रोड बंद कर सकती है तो मुसलमानो की वर्ष में एक बार आधा घंटे की नमाज के लिए रोड बंद क्यों नहीं कर सकती है । चंद्रशेखर की बढ़ती लोकप्रियता और राजनीति से बसपा सुप्रीमो बहन मायावती, समाजवादी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, भाजपा और कांग्रेस को बेचैनी होने लगी है । यही कारण है कि कांग्रेस से सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सड़कों पर नमाज अल्लाह को भी कबूल नहीं है । जब सांसद इमरान मसूद को यह पता है तो उन्होंने वर्षों से चुप्पी क्यों साथ रखी है । क्यों उन्होंने नई मस्जिदें, ईदगाहों को बनाने की आवाज नहीं उठाई । मुस्लिम आबादी के हिसाब से मस्जिदों और ईदगाहों में जुमा और ईद के दिन नमाजियों के लिए जगह कम पड़ जाती है । लेकिन कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान की चिंता करते हुए सांसद इमरान मसूद ने मुसलमानो के बारे में बोलना शुरू किया है । दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद अब समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आज़म खान पर हुए अत्याचारों पर बोलने लगे हैं तो क्या कांग्रेस के मुस्लिम नेता या समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेता आज़म खान पर हुए अत्याचारों पर बोल सकेंगे । ऐसा लगता नहीं है, इसलिए यह तय माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में दलित और मुसलमानो में चंद्रशेखर आजाद की पैठ बढ़ेगी । उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान बड़े नेता हैं और उनके पक्ष में बोलकर योगी सरकार पर हमला बोलना चंद्रशेखर आजाद की भविष्य की राजनीति के संकेत हैं ।
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