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कांवड़ यात्रा के लिए दस दिन रास्ते बंद, बीस मिनट की नमाज में परेशानी- चंद्रशेखर आजाद

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नगीना से सांसद चुने गए भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कांवड़ के लिए रास्ता बंद करने और ईद के दौरान सड़क पर नमाज अदा करने से रोकने का मामला उठाया है।

नई दिल्ली। नगीना से सांसद चुने गए भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कांवड़ के लिए रास्ता बंद करने और ईद के दौरान सड़क पर नमाज अदा करने से रोकने का मामला उठाया है। एक बैठक के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो नजीबाबाद के चंदनपुर में आयोजित बैठक का बताया जा रहा है। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद चंद्रशेखर पहुंचे थे। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर दस दिन तक रास्ते बंद हो सकते हैं। लेकिन दिक्कत 20 मिनट की नमाज से होती है। ऐसा भेदभाव क्यों हो रहा है। वीडियो वारल होने के बाद अयोध्या के हनुमान गढ़ी के संत राजू दास और नहटौर से भाजपा विधायक ओमकुमार ने पलटवार किया है। विधायक ने कहा कि यदि किसी को इतना ही शौक है तो वह अपने घरों पर नमाज पढ़वाए। प्रदेश में कानून का राज चलेगा। रविवार को अपने कैंप कार्यालय जनसमस्या सुनने के दौरान उन्होंने कहाकि सड़क नमाज पढ़ने के लिए नहीं चलने के लिए है।

वीडियो में चंद्रशेखर आजाद कह रहे हैं कि मैं हाथ में जल लेकर ये पूछता हूं कि सभी धर्मों की आस्था का सम्मान होना चाहिए। मैंने कई बार नेशनल मीडिया से पूछा है, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं है कि उनसे इस तरह के सवाल पूछे। मैंने उनसे पूछा कि अगर हिंदू धर्म की आस्था है कि दस दिन कांवड़ चलता है, फिर सारे होटल और अस्पताल बंद हो जाते हैं। इससे लोगों को कितनी परेशानी होती है। लेकिन उनकी आस्था को देखते हुए लोग ये सब सहते हैं। अगर ईद वाले दिन बीस मिनट के लिए नमाज हो रही है तो पहले होने नहीं देंगे। आप पहले ये बताओ ये तो सामूहिक होती है। ईदगाह पर होती है। वहां सब लोग इकट्ठा होते है तो ये लोग बोलते है कि करने नहीं देंगे। पूछा, क्या देश एक ही धर्म का है।

चंद्रशेखर ने कहा कि सभी धर्मों की आस्था का सम्मान होना चाहिए।  ये सब जानते हैं। हिंदू धर्म के किसी भी व्यक्ति को बोलने की हिम्मत नहीं है। अगर बीस मिनट नमाज के लिए व्यवस्था हो जाए तो किसी को भी बुरा नहीं लगेगा। अगर कोई हिंदू धर्म का शख्स ऐसा कहता है तो वह हिंदू धर्म के साथ नहीं है। किसी का मजहब किसी दूसरे धर्म के लोगों को पीड़ा देकर परेशान करके खुश हो तो मैं इसको धर्म नहीं मानता।

 

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