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अमरनाथ यात्रा शुरू; बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, जानें भक्ताें को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

अमरनाथ यात्रा शुरू; बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, जानें भक्ताें को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

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Amarnath Yatra 2026 : जम्मू। अमरनाथ यात्रा आज से शुरू हो गई है। यह यात्रा 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक चलेगी। 57 दिन चलने वाल इस यात्रा में 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को जम्मू के भगवती बेस कैंप से बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना किया। इसमें 4,822 तीर्थयात्री शामिल थे। इन्हें 259 वाहनों के सुरक्षा घेरे में रवाना किया गया। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख नेताओं ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। नेताओं ने बाबा बर्फानी से सभी यात्रियों की सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की। साथ ही, भगवान शिव से देशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना भी की।

प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमरनाथ यात्रियों को पत्र लिखकर कहा कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो। उन्होंने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को 5 संकल्प लेने को कहा। पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

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बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं।

पीएम मोदी ने इन लोगों का अभिनंदन किया

प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। मैं इस अवसर पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा मठों की सेवा में जुड़े हर साथी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है।

बाबा बर्फानी के धाम की यह यात्रा, हमें जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाव और देशभर से आए भक्तों के समर्पण का भी दर्शन कराती है। यात्रा के हर आयोजन में, जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले असंख्य भक्त भी, पवित्र गुफा यात्रा मार्गों पर भंडारों और लंगरों का संचालन करते हैं। निःस्वार्थ सेवा की यह भावना, हमारी सनातन संस्कृति और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।

अमरनाथ यात्रियों के लिए 5 संकल्प

पहला संकल्प : हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।

दूसरा संकल्प : हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।

तीसरा संकल्प : हम ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से यात्रा के खर्चों का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।

चौथा संकल्प : हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाएं।

पांचवां संकल्प : हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। मुझे विश्वास है कि बाबा अमरनाथ की दर्शन यात्रा, सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य महोत्सव बनकर पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि मेरी कामना है, बाबा अमरनाथ की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। आपकी यात्रा सुरक्षित हो, मंगलमय हो और आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो। बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें।

अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं के विशेष इंतजाम

कश्मीर में लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद तुरंत नीचे लौटने की सलाह दी गई है। यात्रा मार्ग पर हर 2 किलोमीटर पर ऑक्सीजन बूथ बनाए गए हैं। वहीं, दोमेल रूट पर चार जगह बड़ी स्क्रीन के जरिए मौसम की जानकारी दी जा रही है। बालटाल रूट पर 12 जगह वाटरप्रूफ डोम बनाए गए हैं। अमरनाथ यात्रा दो रास्तों से की जाती है। पारंपरिक रास्ता 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम से है। दूसरा रास्ता गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रास्ते से है। दोनों यात्रा मार्गों पर एक हजार डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। दोनों जगह 100-100 बेड के अत्याधुनिक अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं।

अमरनाथ यात्रा-2026 की खास बातें

इस साल अमरनाथ यात्रा में श्रद्वालुओं को पहले से ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बालटाल से गुफा तक बिजली और लाइट की व्यवस्था की गई है, जिससे रात और खराब मौसम में भी यात्रियों को राहत मिलेगी।

यात्रा से पहले ट्रैकिंग रास्तों को पहले से बेहतर बनाया गया है ताकि चढ़ाई के दौरान लोगों को कम परेशानी हो। इसके अलावा पोनी, पालकी और पोर्टर की प्री-पेड बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इससे यात्रियों को तय किराए पर सेवा मिलेगी और ज्यादा पैसे वसूलने जैसी समस्या नहीं होगी। 

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भी इस बार इंतजाम बढ़ाए गए हैं। बालटाल, नुनवान, श्रीनगर और चंदरकोट के यात्री निवासों का विस्तार किया गया है। जम्मू का भगवती नगर यात्री निवास 30 जून से खुल चुका है। यहां करीब 2,500 श्रद्धालु एक साथ रुक सकेंगे। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी।

इसके अलावा जम्मू के तवी रिवरफ्रंट पर एक नया इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन सेंटर बनाया गया है। यहां एक ही जगह पर रजिस्ट्रेशन, मेडिकल चेकअप, हेल्थ सर्टिफिकेट, दस्तावेजों की जांच और दूसरी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा।

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