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देश में मानसून का कहर; पहाड़ी राज्यों में बारिश-भूस्खलन से आफत, उत्तर भारत में गर्मी से राहत

देश में मानसून का कहर; पहाड़ी राज्यों में बारिश-भूस्खलन से आफत, उत्तर भारत में गर्मी से राहत

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IMD Weather Rainfall Update In India : नई दिल्ली/जयपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश ने पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, लेकिन पहाड़ी राज्यों में भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ आई। वहीं उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे कई घंटे बंद रहा और हजारों श्रद्धालु फंसे रहे। इधर, हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 46 सड़कें बंद हैं।

पहाड़ी राज्यों में मानसून का रौद्र रूप

दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश से देश के कई हिस्सों में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि, बारिश अपने साथ कई जगहों पर भारी नुकसान भी लेकर आई है। जम्मू कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है और एक सड़क बह गई है। वहीं उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा और 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु रास्ते में जहां-तहां फंसे रहे। इधर, उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली समेत कई जिलों में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सुरक्षा के चलते केदारनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से कोहराम

भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भी कोहराम मचा रखा है। राज्य में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के चलते 46 सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने तथा बिना जरूरी काम के यात्रा नहीं करने की अपील की गई है।

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यूपी में सभी जिलों में बारिश का अलर्ट

मानसून ने पूरे उत्तरप्रदेश को कवर कर लिया है। यूपी में शुक्रवार सुबह 3 बजे लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, जालौन समेत 5 शहरों में बारिश हुई। तेज बारिश होने से पानी घरों में घुस गया। वहीं गुजरात के वलसाड में सड़कें पानी में डूब गईं, गाड़ियां चलते-चलते बंद हो गईं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश सभी 75 शहरों में बारिश का अलर्ट है। 11 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। ओले और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 40 किमी. की रफ्तार से हवा चल सकती है। कहीं-कहीं हवा की रफ्तार 50 तक पहुंच सकती है।

एमपी में 9 दिन में पूरे राज्य में छाया मानसून

इधर, मध्य प्रदेश में मानसून 9 दिन में ही पूरे प्रदेश में छा गया। धार, बड़वानी, खरगोन और देवास में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से राम घाट के पास मंदिर डूब गए। प्रदेश में 9 दिन की देरी से 24 जून को आए मानसून की गुरुवार को उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भी एंट्री हो गई।

दिल्ली में लोगों को गर्मी से मिली राहत

वहीं दिल्ली और राजस्थान में लेट आया मानसून जमकर बरसा। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दिल्ली-एनसीआर में दस्तक देने के साथ ही पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को जद में ले लिया है। मानसून पहुंचने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह से हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जिससे भीषण गर्मी और उमस से छुटकारा मिला है। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन यानी रविवार तक गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। कुछ इलाकों में 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है।

राजस्थान के 16 जिलों में पहुंचा मानसून

वहीं राजस्थाान के जयपुर सहित कई जिलों में गुरुवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर आज भी जारी है। चित्तौड़गढ़ जिले में रातभर में ढाई इंच तक पानी बरसा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 5 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर सकता है। गुरुवार को प्रदेश के 16 से ज्यादा जिलों में 2 इंच तक बरसात हुई। तेज बारिश के बीच डूंगरपुर में बिजली गिरने से दो नाबालिग भाई झुलस गए। इनमें एक भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जैसलमेर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट है। राज्य में अगले दो सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट हुई है।

प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से पहुंचा मानसून

राजस्थान में मानसून दो तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की शाखा से प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी से आने पर हवा के कारण ओडिशा, बिहार, यूपी, एमपी को पार कर प्रदेश के पूर्वी जिले कोटा, बारां, झालावाड़ से मानसून की एंट्री होती है। इस बार बंगाल की खाड़ी वाली मानसूनी शाखा ने प्रवेश किया।

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