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TVK विधायकों 35 करोड़ का ऑफर! विजय सरकार गिराने की साजिश? तमिलनाडु में सियासी हलचल

TVK विधायकों 35 करोड़ का ऑफर! विजय सरकार गिराने की साजिश? तमिलनाडु में सियासी हलचल

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नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने आरोप लगाया है कि उनकी सरकार को गिराने के लिए पार्टी के विधायकों को करोड़ों रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की गई। इस मामले में एक विधायक की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। वहीं, सत्तारूढ़ डीएमके ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे TVK का राजनीतिक ड्रामा बताया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस कथित साजिश के तहत टीवीके के करीब 15 विधायकों को एक साथ इस्तीफा देने के लिए तैयार करने की योजना बनाई गई थी। दावा किया गया कि यदि इतने विधायक इस्तीफा दे देते, तो सरकार संकट में आ सकती थी और सत्ता बदलने की स्थिति बन सकती थी।

इस पूरे मामले की शुरुआत TVK के ऊथंगुरै विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. एन. इलैयाराजा की शिकायत से हुई। उन्होंने चेन्नई पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए जाने वाले एक प्रस्ताव में तय तरीके से वोट देने के बदले 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई थी। विधायक की शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की और चेन्नई की एक कंसल्टेंसी फर्म के तीन कर्मचारियों (तिरुनावुक्करासु, नरेष और त्यागराजन) को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान इन तीनों के DMK विधायक सेंथिल बालाजी से संबंध होने की जानकारी मिली है।

विधायक बोले, 35 करोड़ की पेशकश की गई थी

विधायक ने अपनी शिकायत में बताया कि 29 जून को उन्हें थिरुनावुक्करासु नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IPDS) नाम की एक राजनीतिक सर्वेक्षण संस्था का प्रमुख बताया। उसने कहा कि वह एक बड़े राजनीतिक दल की ओर से बात कर रहा है। इलैयाराजा ने दावा किया था कि वह इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IPDS) नाम के एक जनमत सर्वेक्षण संगठन का प्रमुख है और वह एक प्रमुख राजनीतिक दल के सदस्यों की ओर से लोगों से संपर्क कर रहा है। थिरुनावुक्करासु ने उनसे कहा कि तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया जाएगा और उनसे सत्तारूढ़ दल का सदस्य होने के बावजूद एक विशेष तरीके से मतदान करने को कहा। इसके बदले में, उसने कथित तौर पर 35 करोड़ रुपए देने तक की पेशकश की। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया और फोन करने वाले को दोबारा संपर्क न करने के लिए कहा। इस पर थिरुनावुक्करासु ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने बातचीत का खुलासा किया तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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हमारे विधायकों से संपर्क में हैं DMK नेता: कुमार

तमिलनाडु के मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने डीएमके पर एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी के साथ मिलकर विजय के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीवीके के कई विधायकों को दल-बदल के लिए पैसे की पेशकश की गई है। उन्होंने कहा- डप्पाडी पलानीस्वामी और अन्य लोग गुपचुप तरीकों से सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। आज हम उसका नतीजा देख रहे हैं। एमके स्टालिन और उदयनिधि के इशारे पर काम करते हुए सेंथिल बालाजी जैसे डीएमके के प्रमुख नेता हमारे कई विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। वे उन्हें 20 करोड़ से 50 करोड़ रुपए तक की पेशकश कर रहे हैं। हमारा ऐसा कोई विधायक नहीं है, जिससे उन्होंने संपर्क न किया हो।

DMK बोली, नैरेटिव गढ़ रही है TVK

डीएमके के प्रवक्ता ए. सरवनन ने कहा- टीवीके जांच से जुड़ी जानकारी लीक करके सिर्फ जनता के बीच सनसनी फैलाना चाहती है। इससे पता चलता है कि उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है और वे सिर्फ एक मनगढ़ंत कहानी बना रहे हैं। अगर उसके पास पुख्ता सबूत हैं तो वह सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करके दिखाए। उन्होंने आगे कहा- विजय और सेंथिल बालाजी के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। डीएमके के पूर्व मंत्री करूर से ताल्लुक रखते हैं, जहां विजय की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय ने तब बालाजी पर उन्हें बदनाम करने के लिए भगदड़ की साजिश रचने का आरोप लगाया था। बालाजी ने इस आरोप से इनकार किया था।

जनता का समर्थन DMK के साथ था : स्टालिन

हाल ही में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि TVK के पास अकेले सरकार चलाने के लिए पर्याप्त जनसमर्थन नहीं है, उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा में बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। इसलिए यह सरकार सहयोगी दलों के समर्थन से चल रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का समर्थन उनकी पार्टी के साथ था और मौजूदा सरकार कुछ राजनीतिक दलों के गठबंधन और समर्थन के आधार पर बनी है, उन्होंने TVK सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह व्यवस्था ज्यादा समय तक आगे नहीं बढ़ पाएगी।

फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल फोन तथा अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वास्तव में विधायकों को रिश्वत देने और सरकार गिराने की कोई संगठित साजिश रची गई थी या नहीं।

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