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आधी रात को पकड़ी थी मुंबई से लंदन की फ्लाइट, ललित मोदी ने बताया क्यों छोड़ा था भारत… जानिए उस दिन की पूरी कहानी

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Lalit Modi Claims He Left India : नई दिल्ली। देश से फरार चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक और पहले चेयरमैन ललित मोदी एक बार फिर से चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने कई विवादित और चर्चित मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं। ह्यूमैन्स ऑफ बॉम्बे शो में एंकर करिश्मा मेहता के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई चुनौती देने की वजह से उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने बताया कि साल 2010 में भारत कानूनी परेशानियों की वजह से नहीं, बल्कि अपनी जान को खतरा होने के कारण छोड़ा था। इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने उस दिन की पूरी कहानी बताई, जिस दिन वह भारत छोड़कर लंदन पहुंचे थे।

ललित मोदी ने बताया भारत क्यों छोड़ा था?

एंकर करिश्मा ने ललित मोदी से पूछा कि क्या आप उस दिन के बारे में बता सकते हैं, जिस दिन आपने भारत छोड़ा था? इस पर ललित मोदी ने कहा कि वह दिन बहुत ही मुश्किल दिन था। ललित मोदी ने कहा, ‘मुझे याद है कि उस दिन में गोवा गया हुआ था। मैं वहां अपनी लीगल टीम के साथ था, क्योंकि BCCI ने मुझे कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मेरे साथ गोवा में 20 वकील थे। हम एक पार्क में गए थे, ताकि वहां मैं अपने जवाब ड्राफ्ट कर सकूं और BCCI को भेज सकूं और फिर गोवा से निकल सकूं। तब तक दाऊद इब्राहिम ने मुझे मारने की तीन बार कोशिश की थी। इस वजह से मेरी सिक्योरिटी काफी तगड़ी थी। मेरे आसपास 24 घंटे 40-50 गार्ड्स मशीन गन के साथ होते थे। तब मुझे नहीं पता था कि मैं भारत छोड़ने वाला हूं या मेरा कोई प्लान था भारत छोड़ने का। जवाब फाइल करने के बाद मैं मुंबई पहुंचा।’

ललित मोदी बोल-एयरपोर्ट पर नहीं थी कोई सिक्योरिटी

ललित मोदी ने बताया, ‘जवाब ड्राफ्ट करने के बाद मैं गोवा से मुंबई पहुंचा। मुझे याद है तब शाम के साढ़े पांच करीब बज रहे थे। आमतौर पर मेरी कारें एयरक्राफ्ट के पास आती थीं, मुझे लेने के लिए। चारों ओर पुलिस का पहरा होता था। जब मेरी प्लेन पहुंची तो हम एक रिमोट पार्किंग में खड़े थे। मैंने देखा कोई बाहर नहीं है। मैं सोच में पड़ गया कि मेरे बॉडीगार्ड्स और सिक्योरिटी किधर है। हथियारों से लेस कार किधर हैं। फिर मैंने सबको फोन घुमाना शुरू किया, लेकिन सबके मोबाइल स्विच ऑफ थे। मैंने तब अपने निजी बॉडीगार्ड्स से कहा कि नीचे जाकर चेक करो कि क्या हो रहा है। उसने बाहर जाकर चेक वगैरह किया और फिर मुझे आकर बोला कि आप मेरे साथ चलिए। मैंने कहा- कहां? तब एयरपोर्ट पर एक बैक गेट हुआ करता था। फिर वहां से हम बाहर निकले और मेरे बॉडीगार्ड ने कहा बाथरूम चलिए।’

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ललित मोदी ने आगे कहा, ‘हिमांशु रॉय, जो उस समय पुलिस उपायुक्त थे, एयरपोर्ट पर मेरा इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा- हम अब आपकी सुरक्षा नहीं कर सकते। हम केवल अगले कुछ घंटों तक आपकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। हम एयरपोर्ट से आपके होटल तक सुरक्षा की गारंटी ले सकते हैं। पर मेरा सुझाव है कि इसके बाद आप सोचें कि उसके आगे क्या करना है। इसके बाद मुझे मुंबई के फोर सीजन्स होटल तक सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया।’

होटल से कैसे बच निकले थे ललित मोदी?

ललित मोदी ने बताया, ‘वहां मीडिया के लोग थे, मेरा परिवार था और पूरी लॉबी लोगों से भरी थी। मेरे खुद के 30-40 बॉडीगार्ड्स थे। इसके बाद मैंने कई लोगों को कॉल मिलाए। मैं ये नहीं बताऊंगा किसने, क्योंकि इसे मैं अपनी बायोपिक के लिए बचा रहा हूं। पर मुझसे कहा गया कि भारत में आपकी जान को खतरा है। मेरे पास दो ही उपाय हैं। या तो गोली खा लो या भारत से निकल जाओ। तब मेरे भारत से निकलने पर कोई पाबंदियां नहीं थीं। मेरे ऊपर कोई केस नहीं था। बस दाऊद मेरे पीछे पड़ा था और उसके लिए मेरे पास सिक्योरिटी थी। फिर बीच रात में मैंने होटल छोड़ दिया और ब्रिटिश एयरवेज के फ्लाइट में जा बैठा और भारत छोड़ दिया। हां मेरा परिवार वहीं छूट गया। तो मैं वैध रूप से लंदन पहुंचा, क्योंकि मुझे जान का खतरा था। इसके एक डेढ़ साल बाद तबकी सरकार ने बोलना शुरू किया कि उन्होंने मेरा पासपोर्स जब्त कर लिया है। तब मैं पूरी दुनिया घूम रहा था। इसलिए जब कोई कहता है कि मैं भारत से भागा हूं, मैंने ऐसा नहीं किया है। मैं अपने वैलिड पासपोर्ट पर लंदन पहुंचा हूं और फिर अपनी पर्सनल सिक्योरिटी बढ़ाई है। इसके बाद भी एक डेढ़ साल घूमा हूं। एक डेढ़ साल बाद तबकी कांग्रेस की सरकार ने मेरा पासपोर्ट जब्त किया। यही हुआ था। इसके बाद मैं लंदन में तीन चार साल अटक गया था। मैंने भारत में, यूके में अपने मामले जीते।’

मेरी भारत छोड़ने की वजह सिर्फ और सिर्फ धमकी

ललित मोदी ने कहा, ‘भारत छोड़ने की मेरी वजह सिर्फ और सिर्फ धमकी थी। मैंने खुद का बचाव किया। मेरी जान को खतरा कई और जगहों पर भी हुआ। मोंटेनेगरो में मुझे धमकियां मिलीं। 2011 में आईपीएल के बाद भी मुझे मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन वहां की सिक्योरिटी ने उन्हें पकड़ लिया था। ललित मोदी ने इससे पहले राज शमानी के इंटरव्यू में भी कहा था कि दाऊद इब्राहिम से धमकियां मिल रही थीं। तब उन्होंने कहा था, ‘दाऊद इब्राहिम मेरे पीछे पड़ा हुआ था क्योंकि वह मैच फिक्सिंग कराना चाहता था। मेरी फिक्सिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी थी। मेरे लिए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और खेल की ईमानदारी बेहद महत्वपूर्ण थी।’

छोटा शकील ने भी किया था दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, ललित मोदी का डी-कंपनी की हिट लिस्ट में होना पहले भी चर्चा का विषय रहा है। कुछ साल पहले दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी रहा छोटा शकील ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उसके निर्देश पर शार्प शूटरों की एक टीम बैंकॉक पहुंची थी, जहां ललित मोदी रह रहे थे। छोटा शकील के मुताबिक, उनकी टीम उस होटल तक पहुंच गई थी जहां ललित मोदी ठहरे हुए थे, लेकिन किसी से सूचना मिलने के बाद वो वहां से निकलने में सफल रहे और उनकी जान बच गई।

‘मेरे ऊपर जो आरोप लगे, वो मनगढ़ंत हैं’

ललित मोदी ने करिश्मा को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मेरे ऊपर जो आरोप लगे, वो मनगढ़ंत हैं। आज तक मेरे खिलाफ कोई मामला नहीं है। मीडिया कहती है कि मैं भगोड़ा हूं और भारत छोड़कर भाग गया। ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैंने भारत और ब्रिटेन, दोनों जगह अपने सभी मामले जीते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि जब आपके खिलाफ कोई मामला ही नहीं है तो आपको भगोड़ा कैसे कहा जा सकता है? ऐसा इसलिए कहा जा रहा मुझे, क्योंकि कुछ लोग ऐसा कहते हैं। आज तक मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया है। ‘

‘मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया’

मोदी ने कहा, ‘इंटरपोल ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। ब्रिटेन की सरकार ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। दूसरी सरकारों ने भी आपके नोटिस खारिज कर दिए। किसी व्यक्ति को अपराधी साबित करने के लिए पहले उसके अपने देश में उसके खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए, जहां कथित अपराध हुआ हो। अगर कोई अपराध हुआ है तो सामने आइए और बताइए कि वह कहां है। मैं चाहता हूं कि मुझे मेरा पासपोर्ट वापस मिले, जिसे कांग्रेस सरकार ने मुझसे ले लिया था। क्या इतने वर्षों में भी आप किसी कथित अपराध की जांच पूरी नहीं कर पाए, जबकि आपके पास सारे दस्तावेज मौजूद हैं?’

मोदी ने कहा, ‘लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं भारत वापस क्यों नहीं आता। इसकी वजह यह है कि वहां की मीडिया सच जानना ही नहीं चाहती। उसे सिर्फ स्कैंडल चाहिए। हमारे यहां एक ‘क्रैब मेंटैलिटी’ है, जहां अगर कोई ऊपर उठता है तो लोग उसे नीचे खींचने लगते हैं। भारत में मानहानि के मामलों को लेकर भी स्थिति अलग है। कोई मीडिया संस्थान आपके बारे में गलत बातें कह दे तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं है, जबकि ब्रिटेन में ऐसा करने पर भारी कीमत चुकानी पड़ती है।’

कांग्रेस पर ललित मोदी का निशाना?

ललित मोदी ने कहा, ‘मैंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा प्रोडक्ट दिया और आप मुझ पर दो करोड़ डॉलर जैसी बेतुकी रकम लेने का आरोप लगाते हैं। जब यह लीग अरबों डॉलर कमा रही थी, तब मैं चाहूं तो इसे अपने लिए रख सकता था। मैं इसके बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) अपने नाम पर दर्ज करा सकता था। मैं सब कुछ अपने लिए कर सकता था। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को मजबूत और सुरक्षित बनाया।’

‘मुझे भगोड़ा कैसे कहा जा सकता है?’

करिश्मा मेहता ने पूछा कि क्या आप उस दिन के बारे में बता सकते हैं, जब आपने भारत छोड़ा था? इसके जवाब में ललित मोदी ने कहा, ‘मैं भारत से वैध पासपोर्ट पर गया था। मीडिया कहती है कि मैं भगोड़ा हूं और भारत छोड़कर भाग गया। ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैंने भारत और ब्रिटेन, दोनों जगह अपने सभी मामले जीते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि जब आपके खिलाफ कोई मामला ही नहीं है तो आपको भगोड़ा कैसे कहा जा सकता है?’

‘मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया’

मोदी ने कहा, ‘आज तक मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया है। इंटरपोल ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। ब्रिटेन की सरकार ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। दूसरी सरकारों ने भी आपके नोटिस खारिज कर दिए। किसी व्यक्ति को अपराधी साबित करने के लिए पहले उसके अपने देश में उसके खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए, जहां कथित अपराध हुआ हो। अगर कोई अपराध हुआ है तो सामने आइए और बताइए कि वह कहां है। मैं चाहता हूं कि मुझे मेरा पासपोर्ट वापस मिले, जिसे कांग्रेस सरकार ने मुझसे ले लिया था। क्या इतने वर्षों में भी आप किसी कथित अपराध की जांच पूरी नहीं कर पाए, जबकि आपके पास सारे दस्तावेज मौजूद हैं?’

शशि थरूर को लेकर बड़ा दावा

पूर्व आईपीएल कमिश्नर ने दावा किया कि उन्होंने शशि थरूर को इसलिए चुनौती दी क्योंकि वह खेल के हित में सही नहीं थे। मोदी ने कहा, ‘मैंने शशि थरूर को नीचे लाया क्योंकि वह खेल के लिए सही व्यक्ति नहीं थे। उन्होंने झूठ बोला था। अगर कोई मेरी निगरानी में झूठ बोलकर पूरे सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो मैं उसे उजागर करूंगा। मैंने वही किया और इसकी कीमत मुझे चुकानी पड़ी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने उस व्यक्ति को चुनौती दी जो कांग्रेस पार्टी का चहेता था और भारत का विदेश राज्य मंत्री था। पहले उन्होंने झूठ बोला, फिर अपनी बात स्वीकार की और उसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा।’

सुनंदा पुष्कर को लेकर भी किया दावा

ललित मोदी ने थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत से पहले की सोशल मीडिया गतिविधियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सुनंदा पुष्कर आईपीएल और शशि थरूर से जुड़े कुछ तथ्यों का खुलासा करने वाली थीं। मोदी ने कहा, ‘जिस दिन सुनंदा पुष्कर की मौत हुई, उससे पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि वह आईपीएल और शशि थरूर के बारे में सब कुछ बताएंगी। मैंने भी अपने ट्विटर अकाउंट से उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया था। वह पोस्ट आज भी सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं। फिर अचानक वह नहीं रहीं।’ मोदी ने यह भी कहा कि उस समय सुनंदा पुष्कर भी सिस्टम का हिस्सा बन गई थीं।

IPL और भ्रष्टाचार पर क्या बोले ललित मोदी?

ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने आईपीएल को एक मजबूत और पारदर्शी मॉडल के रूप में तैयार किया। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में आईपीएल में भ्रष्टाचार और फिक्सिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट में सट्टेबाजी का एक माफिया था, लेकिन मैंने न तो सट्टेबाजी को बढ़ावा दिया और न ही फिक्सिंग को। तीन साल के मेरे कार्यकाल में आपको ऐसे भ्रष्टाचार के आरोप नहीं मिलेंगे। मैंने खिलाड़ियों के एजेंटों और मैनेजरों के स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगाई क्योंकि मुझे बुकियों से उनके संबंधों की जानकारी थी।’ ललित मोदी ने कहा, ‘आईपीएल एक मजबूत और टिकाऊ मॉडल है। इसलिए आज मुझे कम मत आंकिए और कल भी मत आंकिए। मैं यहां सिर्फ आईपीएल और भारत के हित के लिए हूं और यह लगातार आगे बढ़ता रहेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि खेलों के क्षेत्र में भारत देर-सबेर एक महाशक्ति बनेगा और इसका सबसे बड़ा कारण आईपीएल होगा। भारत की लगभग हर दूसरी खेल लीग आज आईपीएल के मॉडल का अनुसरण कर रही है, क्योंकि यह ऐसा फॉर्मूला है जिसे मैंने तैयार किया था।’ ललित मोदी के ये बयान एक बार फिर उन पुराने विवादों को चर्चा में ले आए हैं, जो वर्षों से भारतीय क्रिकेट और राजनीति के गलियारों में बहस का विषय रहे हैं।

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