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देश में 50 हजार लोग हो जाएंगे बेरोजगार! सरकार का नया MLFF टोल सिस्टम, जानें कितना फायदा या नुकसान

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जयपुर। देश में जल्द ही टोल देने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अब हाईवे पर लंबी कतारों में खड़े होकर बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार जल्द ही राजस्थान के टोल बूथों को पूरी तरफ मल्टी-लेन फ्री-फ्लो की तैयारी की जा रही है। इसके तहत टोल बूथों से गुजरने वाली गाड़ियां अपनी तय रफ्तार में टोल से गुजर जाएंगी। पैसे फास्टैग से अपने आप कट जाएंगे। अगर किसी ने फास्टैग (FASTag) नहीं लगा रखा तो गाड़ी की नंबर प्लेट के जरिए पेनल्टी लगाई जाएगी। सरकार के अनुसार, यह तकनीक हाईवे पर यात्रा को तेज, सुगम और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। नई व्यवस्था से जहां समय और ईंधन की बचत होगी। वहीं हजारों लोगों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।

सरकार के इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि टोलकर्मियों को अपना रुतबा और दादागिरी दिखाकर बिना पैसे दिए निकल जाते है। उन्हें अब पूरा टोल देना होगा। इसके अलावा विधायक, सांसद, प्रधान, सरपंच लिखी कारें भी टोल से नहीं बच पाएंगी। सिर्फ NHAI की गाइडलाइन में छूट वाले वाहन ही टोल शुल्क से बच सकेंगे। उनके वाहन भी NHAI के पोर्टल से जुड़े होंगे, तभी छूट रहेगी। सरकार के नए फैसले से जिला कलेक्टर भी किसी दूसरे की गाड़ी से निकलेंगे तो कार मालिक के मोबाइल पर टोल कटने का मैसेज आ जाएगा।

क्या है नया MLFF टोल सिस्टम?

यह एक ऐसा टोल सिस्टम है जिसमें गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। गाड़ी अपनी सामान्य रफ्तार में चलती रहेगी और टोल अपने-आप कट जाएगा। इस सिस्टम में दो तकनीकों का इस्तेमाल होगा- FASTag यानी RFID तकनीक, ANPR कैमरे यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे।

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फिटनेस या प्रदूषण जांच नहीं तो जुर्मान भी

गाड़ी पर फास्टैग नहीं होने पर नंबर प्लेट के आधार पर टोल के चार्ज के साथ पेनल्टी लगेगी। इसका मैसेज कार मालिक के मोबाइल पर आएगा। यह रकम ऑनलाइन भरनी पड़ेगी। इसके साथ यहां से निकलने वाली हर गाड़ी की फिटनेस और प्रदूषण की जांच भी होगी। फिटनेस और प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होने पर जुर्माना देना पड़ेगा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होने पर भी कार सवार बच नहीं सकेंगे। नंबर प्लेट की फोटो खींच ली जाएगी।

बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा

NHAI परियोजना निदेशक (दौसा) गजेंद्र सिंह ने बताया कि राजस्थान में कुछ जगहों पर टोल प्लाजा फ्री फ्लो किए जाएंगे। जयपुर के पास मनोहरपुर जल्दी हो सकता है। इसके बाद किसी भी वाहन को बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा। जिनका फास्टैग नहीं होगा या ब्लैक लिस्ट होंगे तो उनके रिकॉर्ड पर रिमार्क डल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज भी आ जाएगा। बाद में कुछ पेनल्टी के साथ फाइल जमा कराना होगा। इस प्रक्रिया के तहत पहले चरण में NHAI के टोल प्लाज कैशलेस हो चुके हैं। आगे फ्री फ्लो किया जाएगा। वहीं अलवर बगड़ तिराहा टोल प्लाजा के मैनेजर मनीष व्यास ने बताया कि जयपुर के मनोहनपुर प्लाज व सीकर में भी अखैपुर प्लाजा को फ्री फ्लो करेंगे।

1 मई से कैश लेनदेन 100 प्रतिशत बंद

केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा को पूरी तरह आधुनिक बनाने की शुरुआत कर दी है। 1 मई से NHAI के टोल प्लाजा पर टोल शुल्क राशि कैश लेना 100 प्रतिशत बंद हो चुका है। टोल शुल्क फास्टैग से ही कटता है। फास्टैग नहीं होने पर अभी कुछ समय के लिए UPI से पेमेंट करने की छूट है। UPI से पेमेंट करने पर 25 प्रतिशत अधिक रुपए देने पड़ते हैं। जैसे अलवर में बगड़ तिराहा पर नेशनल हाईव का टोल है। इस टोल पर कार का शुल्क 40 रुपए है। UPI से पेमेंट करने पर 50 रुपए देने पड़ते हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर 2026 के आखिरी तक सरकार राजस्थान के बड़े शहर जैसे जोधपुर के डांगियावास, सीकर के अखैपुर, जयपुर के मनोहरपुर में टोल प्लाजा फ्री फ्लो करने की तैयारी है।

35 से 40 हजार लोग हो जाएंगे बेरोजगार

सरकार के इस फैसले से जहां टोल शुल्क कलेक्शन बढ़ेगा। वहीं हजारों लोगों बेरोजगार हो जाएंगे। सबसे बड़ी मार काम करने वालों पर पड़ेगी। देश भर में एनएचएआई के 1087 टोल प्लाजा हैं। एक पर औसतन 50 लोग काम करते हैं। करीब 50 हजार लोगों को रोजगार मिला हुआ है। फ्री फ्लो होने पर केवल 25 प्रतिशत स्टाफ बचेगा। 30 से 40 हजार लोगों के हाथ से रोजगार छिनने का डर है। राजस्थान में 172 टोल हैं। करीब 8500 लोग काम करते हैं।

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