एनडीए और इंडिया गठबंधन के लिए 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण होंगे
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। इस साल जिस तरह से लोकसभा चुनाव में बैकफुट में जाने के बाद हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने कमबैक किया है, उसे देखते हुए आने वाले साल में भी राजनीतिक रस्साकशी और तेज होने की संभावना है। आने वाले साल में भी बीजेपी गठबंधन, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को रोकने के लिए पूरी ताकत लगाएगा।
दिल्ली और बिहार में 2025 में होंगे विधानसभा चुनाव
नए साल में देश के दो राज्यों में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार और दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस गठबंधन पूरा जोर लगाने जा रहा है। यदि बिहार में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती है तो केंद्र में शासन कर रही भाजपा गठबंधन की सरकार के लिए और मुश्किलें बढ़ जाएगी। संसद में विपक्ष मजबूत स्थिति में है, इसलिए भाजपा जिस तरह पिछले दो कार्यकाल में मनमानी करती आ रही थी अब उस पर ब्रेक लग चुके हैं। इसलिए बिहार और दिल्ली विधानसभा जीतना बीजेपी गठबंधन के लिए जरूरी है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव:
बीजेपी दिल्ली में अपने 27 साल के वनवास को खत्म करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। दिल्ली में अगर अरविंद केजरीवाल अपनी जीत का चौका लगाते हैं। तो यह विपक्ष के लिए बड़ी बात होगी। लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस और आप एक साथ थे, वहीं विधानसभा में अलग-अलग चुनाव लड़ने जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी फरवरी 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने सभी 70 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है।
बिहार विधानसभा चुनाव:
2025 में ही बिहार विधानसभा का चुनाव होना है। बिहार के मुख्यमंत्री एनडीए का हिस्सा हैं और एनडीए के सभी साथी मिलकर ही चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। वहीं तेजस्वी यादव भी लालू के मार्गदर्शन में अपने बल पर सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश करेंगे। बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 22 दिसंबर को एनडीए नेताओं से दिल्ली में मिले तो लालू प्रसाद यादव भी अपने इलाज के बहाने दिल्ली पहुंच गए। लालू प्रसाद यादव बिहार में अपने साथी दलों को साथ लेकर चलने में हमेशा आनाकानी करते हैं। जिसके कारण राजद को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। लेकिन लगता है कि लालू प्रसाद यादव की समझ में आ गया है कि बिना सेक्युलर दलो और नेताओं को साथ में लिए बिना, बिहार की सत्ता हासिल नहीं की जा सकती है। यही कारण है कि लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बिहार विधानसभा चुनाव पर बात कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के लिए जरूरी है कि किसी भी हालत में बिहार विधानसभा चुनाव जीत जाए। इसके लिए भाजपा नीतीश कुमार के नेतृत्व में भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
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