आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) के आह्वान पर शहीद स्मारक पर जुटा पत्रकारों का सैलाब
मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन रहा बेनतीजा, आज रात से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना
लोकतंत्र की नींव तब डगमगाने लगती है जब शासन और प्रशासन मिलकर उसके चौथे स्तंभ को दबाने का प्रयास करते हैं। राजस्थान में वर्तमान परिस्थितियां कुछ ऐसी ही नजर आ रही हैं। जैसलमेर में एक वरिष्ठ पत्रकार की आजीविका पर प्रशासन की आड़ में ‘बुलडोजर’ चलाने और पत्रकारों पर बढ़ते ‘फर्जी मुकदमों’ के विरोध में राजधानी जयपुर रविवार को पत्रकारों के हुंकार से गूंज उठी।
अन्याय के खिलाफ एकजुटता
इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के आह्वान पर प्रदेशभर से सैकड़ों पत्रकार जयपुर के शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए। पत्रकारों का आरोप है कि प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए कलम के सिपाहियों को निशाना बना रहा है। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब प्रशासन और पत्रकारों के बीच संवाद की स्थिति नहीं बन पाई।
दूरभाष वार्ता के दौरान पत्रकारों को तीन बार आश्वस्त किया गया था कि शाम 5 बजे मुख्यमंत्री स्वयं प्रतिनिधिमंडल से मिलकर ज्ञापन लेंगे। शासन के इस भरोसे पर भरोसा कर दूर-दराज से आए कई पत्रकार साथी वापस लौट गए। लेकिन, जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, सरकार का वादा फीका पड़ता गया। रात 10 बजे तक मुख्यमंत्री आवास से कोई बुलावा न आने पर पत्रकारों का धैर्य जवाब दे गया।
अब आर-पार की लड़ाई: अनिश्चितकालीन धरना
उपेक्षा से आक्रोशित पत्रकारों ने अब शहीद स्मारक पर ही ‘अनिश्चितकालीन धरने’ का बिगुल फूंक दिया है। पत्रकारों का स्पष्ट संदेश है— “जब तक न्याय नहीं, तब तक घर वापसी नहीं।” धरने की पहली रात प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत, कोषाध्यक्ष नकुल शर्मा, हरपाल सिंह, गणेश प्रजापति, बलवीर सिंह सैनी, सुनील यादव और विनीत पारीक सहित कई पत्रकार साथी डटे रहे।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
