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जयपुर पर ‘वर्ल्ड हेरिटेज’ का दर्जा खोने का खतरा, यूनेस्को ने दी निष्कासन की सख्त चेतावनी

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-ट्रैफिक जाम, ई-रिक्शा की भरमार और ऐतिहासिक ढांचे में छेड़छाड़ बनी बड़ी वजह, हेरिटेज नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। गुलाबी नगरी जयपुर की विश्व प्रसिद्ध पहचान और ‘वर्ल्ड हेरिटेज साइट’ के दर्जे पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यूनेस्को (UNESCO) ने राजस्थान की राजधानी को एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो इसे विश्व विरासत की सूची से निष्कासित किया जा सकता है। करीब 6 साल पहले (2019-20) जिस गौरव को हासिल करने के लिए सालों की मेहनत लगी थी, वह अब प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है।

ट्रैफिक और ई-रिक्शा ने बिगाड़ी सूरत

यूनेस्को ने अपनी चिट्ठी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को सबसे बड़ी चुनौती बताया है। शहर की संकरी गलियों और मुख्य बाजारों में ई-रिक्शाओं की अनियंत्रित संख्या और भारी जाम ने परकोटे की यूनिकनेस (विलक्षणता) को खत्म कर दिया है। छुट्टी के दिनों और त्योहारों के समय हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।

मूल ढांचे के साथ छेड़छाड़ और अतिक्रमण

रिपोर्ट के अनुसार, हेरिटेज नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पुराने जयपुर के मुख्य ढांचे और इमारतों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। हेरिटेज नगर निगम की बिना अनुमति या मिलीभगत से हो रहे अवैध कंस्ट्रक्शन ने गुलाबी शहर के मूल रंग और वास्तुकला को नुकसान पहुँचाया है। इसके अलावा, कोतवाली पुलिस थाने के बाहर और अन्य महत्वपूर्ण रास्तों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने शहर की सुव्यवस्थित छवि को धूमिल कर दिया है। यहाँ तक कि पुलिस और सरकारी गाड़ियां भी बीच रास्तों में खड़ी होकर जाम का कारण बन रही हैं।

सफाई व्यवस्था भी ‘फेल’

यूनेस्को की चेतावनी में शहर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। जगह-जगह लगा कचरे का ढेर और अतिक्रमण ‘वर्ल्ड हेरिटेज’ के मापदंडों के बिल्कुल विपरीत है। स्थानीय प्रशासन और निगम को बार-बार आगाह करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।

यूनेस्को की चेतावनी के मुख्य बिंदु:

अत्यधिक ट्रैफिक: ई-रिक्शा और निजी वाहनों का अनियंत्रित संचालन।

ऐतिहासिक स्वरूप में बदलाव: मूल गुलाबी रंग और इमारतों के ढांचे से छेड़छाड़।

अवैध पार्किंग: सड़कों और मुख्य चौराहों पर पुलिस व अन्य गाड़ियों का बेतरतीब खड़ा होना।

अतिक्रमण और गंदगी: परकोटे के बाजारों में बढ़ता अतिक्रमण और कचरे का कुप्रबंधन।

क्या जयपुर के लिए ये शर्मनाक होगा?

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जयपुर वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट से बाहर होता है, तो यह न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी की बात होगी। इससे न केवल पर्यटन प्रभावित होगा, बल्कि शहर को मिलने वाली विशेष ग्रांट और पहचान भी खत्म हो जाएगी। अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है।

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