कौन हैं बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन? आजादी के बाद अबतक कितने गवर्नर
पटना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार की रात बिहार समेत आठ राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की। नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनने के साथ बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी होनी है। नये मुख्यमंत्री के साथ राज्य में नये राज्यपाल भी होंगे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां को हटाकर उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उधर, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर यादव को नगालैंड का राज्यपाल बनाया गया है।
भारतीय सेना के दिग्गज अधिकारी रहे हैं हसनैन
बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के दिग्गज अधिकारी रहे हैं। उन्हें रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। वह जम्मू-कश्मीर में 15वीं कोर की कमान संभाल चुके हैं। 2018 में हसनैन को कश्मीर केन्द्रीय विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य के रूप में भी उन्होंने सेवाएं दी हैं। 40 साल की सेवा के बाद 2013 में वे सैन्य सचिव के पद से सेवानिवृत हुए। उनके पिता मेजर जनरल सईद महदी हसनैन भी भारतीय सेना के अधिकारी थे। उनकी पढ़ाई नैनीताल, दिल्ली व लंदन के किंग्स कॉलेज से हुई। हसनैन ने वर्ष 1988-90 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन और 1990-91 में पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियान में भाग लिया। वह कई पदक विजेता भी हैं।
10 वर्षों में सात राज्यपाल बदले
पिछले 10 वर्षों में बिहार में सात राज्यपाल बदले। हाल के वर्षों में बिहार में राज्यपाल का कार्यकाल औसतन डेढ़ से दो साल ही रहा है। आरिफ मोहम्मद खां के पहले राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर 17 फरवरी 2023 से 1 जनवरी 2025 और फागू चौहान 29 जुलाई 2019 से 16 फरवरी 2023 तक राज्यपाल रहे। लालजी टंडन 23 अगस्त 2018 से 28 जुलाई 2019 और सत्यपाल मल्लिक 4 अक्तूबर 2017 से 22 अगस्त 2018 तक तथा 22 जून 2017 से 3 अगस्त 2017 तक केशरी नाथ त्रिपाठी राज्यपाल रहे। इसके पहले 16 अगस्त 2015 से 21 जून 2017 तक रामनाथ कोविंद राज्यपाल थे।
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