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ईरान ने यूएई, सऊदी, कतर, बहरीन और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए

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फिर भी इन देशों ने ईरान पर पलटवार नहीं किया

ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमले के बाद भी इन देशों के हुक्मरान किसी न किसी तरह ईरान से सहमत नजर आ रहे हैं

क्या खाड़ी के मुस्लिम देश अमेरिका से पीछा छुड़ाना चाहते हैं

खादी के मुस्लिम देशों की जनता ईरान के पक्ष में प्रदर्शन करती नजर आ रही है

इजराईल अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर अचानक करीब 200 लड़ाकू विमान से बम और मिसाईलों से आक्रमण कर दिया I इज़राईल और अमेरिका के इस आक्रमण में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खुमेनेई की मौत हो गई I अली खुमेनई की मौत के बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इज़राईल, बहरीन, कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और ओमान पर पलटवार किया I इजराईल अमेरिका के हमलों से ईरान की राजधानी तेहरान सहित अन्य शहरों में स्थित सैन्य ठिकाने, बच्चों के स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रिफाइनरी, सैन्य हथियार गोदाम और अन्य ठिकानें एक-एक करके नष्ट हो गए I 10 दिन युद्ध के बाद भी अभी तक निर्णायक स्थिति नहीं है I सैन्य तकनीकी के लिहाज से अमेरिका इजराईल काफी मजबूत दिखाई दे रहे हैं I इजराईल अमेरिका के पास विश्व का सबसे मजबूत डिफेंस सिस्टम है I ईरान इजराईल पर अब तक 200 से 400 मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर चुका है I फिर भी 10 से 20% मिसाइल और ड्रोन ने इजराईली ठिकानों को नुकसान पहुंचा पाया है I लेकिन यह जरूर है कि ईरान के पास मिसाइल और ड्रोन की संख्या अंदाजे से कहीं ज्यादा होने की संभावना है I इसी कारण से ईरान का पलटवार 10 दिन बाद भी कमजोर होता नजर नहीं आता है I युद्ध में दोनों ही पक्षों में बार-बार पलटवार होता नजर आ रहा है I अमेरिका इजराईल और ईरान को बड़ा नुकसान उठाने के बाद भी कोई भी पक्ष पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है I अमेरिका इजराईल 5 से 7 दिन में ईरान को हराकर यह युद्ध जीत लेना चाहते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं लग रहा है I ईरान की युद्ध नीति और मिसाइल ताकत के कारण युद्ध लंबा खिचता नजर आ रहा है I यह युद्ध अमेरिका को बहुत महंगा साबित हो सकता है I अमेरिका की ईरान में सत्ता परिवर्तन की मंशा पूरी होती नहीं लग रही है।

 युद्ध की सही जानकारी मिलना मुश्किल

अमेरिका इजराईल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की सही जानकारी मिलना मुश्किल हो रही है, क्योंकि इजराईल अमेरिका ने उनके विरोध में युद्ध घटनाएं दिखाने पर रोक लगा रखी हैं I इसके अलावा इज़राईल हमेशा समाचारों को एडिट करने के बाद ही इजाजत देता है I अमेरिका का विश्व की मीडिया में बड़ा दखल है I इसी तरह ईरान में इंटरनेट सेवा और संचार सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, इसलिए ईरान में अंदर हमलों के बाद कैसे हालात हैं ? पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है I ज्यादातर युद्ध की जानकारी या तो वही देश दे रहे हैं जो हमला करते हैं, क्योंकि हमला करने का आक्रमणकारी देश वीडियो भी बनाता है और दुश्मन को कमजोर दिखाने के लिए इस सोशल मीडिया पर वायरल करता है I इसके अलावा विश्व के लोगों को युद्ध की कुछ जानकारी सोशल मीडिया से मिलती है I लेकिन सोशल मीडिया की ज्यादातर युद्ध खबरों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है I ज्यादातर देशों के सरकारी चैनल और निजी चैनल भी युद्ध के समाचार पक्षपात करके दिखाते हैं और अपना हित देखते हैं I इसलिए कहा जा सकता है कि इजराईल अमेरिका और ईरान के युद्ध की पूरी और सही जानकारी मिलना मुश्किल है I ज़्यादातर फेक न्यूज़ चैनलों पर दिखाई जा रही है।

ईरान पर पलटवार क्यों नहीं कर रहे मुस्लिम देश ?

ईरान ने यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और ओमान में मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए I ईरानी हमलों के कारण इन देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकाने, सैन्य खुफिया कार्यालय, अमेरिका की सहायता कर रहे कारोबारी कार्यालयों, अमेरिकी सेना के राडार सिस्टम को भारी नुकसान उठाना पड़ा हैI ईरान के एक तरफा हमलों के बाद भी इन मुस्लिम देशों ने ईरान पर पलटवार नहीं किया I यदि ईरान पर पलटवार होता तो ईरान की हालत अब तक काफी खराब हो चुकी होती I इन मुस्लिम देशों में जनता ईरान के पक्ष में और अमेरिका के विरोध में प्रदर्शन करती नजर आई I ईरान पर मुस्लिम देशों का पलटवार इसलिए भी नहीं हुआ क्योंकि इन मुस्लिम देशों के हुक्मरान अमेरिका से भी खुश नहीं हैं I अमेरिका ने जबरदस्ती इन देशों में सैन्य ठिकाने बना लिए और इन मुस्लिम देशों से सुरक्षा के नाम पर भारी सुरक्षा राशि वसूल करता है I अमेरिकी ठिकानों पर ईरान से हमलों पर मुस्लिम देशों के हुक्मरान कहीं ना कहीं सहमत दिखाई दे रहे हैं और दिखावटी रूप से ईरान का विरोध भी कर रहे हैं I पश्चिम एशिया में ज्यादातर मुस्लिम देश अमेरिका से छुटकारा पाना चाहते हैं I यह देश अंदर ही अंदर काफी खुश हो सकते हैं, क्योंकि अमेरिका को अपने-अपने देश से निकलना आसान नहीं है I ईरान ने मुस्लिम पड़ौसी देश जहां पर अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, को मिसाइल और ड्रोन के हमलो से भारी नुकसान पहुंचाया है।

 युद्ध कितना लंबा चल सकता है ?

इजराईल अमेरिका ने युद्ध शुरू करने से पहले यही सोचा होगा कि युद्ध 5-7 दिन में समाप्त करके ईरान पर कब्जा कर लिया जाएगा I अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध से पहले धमकियों से यह लगता था I इजराईल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहु कहते थे कि हम ऐसे युद्ध का 50 वर्षों से इंतजार कर रहे थे I इजराईल और अमेरिका के राष्ट्रध्यक्षो के वक्तव्यों से ऐसा लग रहा था कि ईरान को 5 – 7 दिन में झुका कर अपनी मंशा की हुकूमत बनवाकर छोड़ दी जाएगी I लेकिन युद्ध शुरू होने पर और ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता खुमेनोई की मौत के बाद भी ईरान पिछले 10 दिनों से लगातार इजराईल अमेरिका पर पलटवार कर रहा है I पलटवार ही नहीं ईरान ने अंदाजे से ज्यादा इजराईल अमेरिका को बड़ा नुकसान पहुंचाया हैI ईरान ने अमेरिका के दर्जनों सैन्य बेस और डिफेंस सिस्टम को बर्बाद कर दिया और थॉड जैसे सुरक्षा कवच को नष्ट कर दिया I खबरे एसी भी  आ रही हैं कि ईरान के हमलो में सैकड़ो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं I वैसे इजराईल अमेरिका युद्ध में ईरान पर भारी पड़ रहे हैं I लेकिन युद्ध एक तरफा दिखाई नहीं दे रहा है I ईरानी सैन्य कमांडरो से आई खबरों के अनुसार कहा जा सकता है कि ईरान लंबे युद्ध के लिए तैयार है I ईरानी कमांडरों का कहना है कि अमेरिका ईरान को झुका नहीं सकता I अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी युद्ध 5- 7 सप्ताह चलने का अंदेशा जताया है I अमेरिका इस युद्ध को जीतने की हर कोशिश कर रहा है, जबकि ईरान मरते दम तक मुकाबले के लिए तैयार है I युद्ध क्षेत्र से जो खबरें आ रही है उससे यही लगता है कि अमेरिका इजराईल और ईरान युद्ध कुछ महीना और साल तक लंबा चल सकता है I चीन रूस ईरान की युद्ध में सहायता कर रहे हैं I

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