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एक जिला एक उत्पाद नीति और एमएसएमई नीति की स्वीकृति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

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-अब जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक ही दे सकेंगे स्वीकृति

-आवेदन ऑनलाइन होने से हर दिन आ रहे 9 आवेदन

जयपुर । उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के योजनाओं और नीतियों की आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं, ताकि इनका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। इसी क्रम में दो नीतियों की स्वीकृति प्रक्रिया का सरलीकरण और तीन नीतियों की आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश ओला ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 और राजस्थान एमएसएमई नीति -2024 के तहत स्वीकृति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन दोनों योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों की जांच और स्वीकृति की कार्यवाही जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों के महाप्रबंधकों द्वारा ही की जा सकेगी। इस बदलाव से आवेदन के निस्तारण में तेजी आएगी, जिससे ज्यादा लोगों को लाभ मिल सकेगा। ओला ने बताया कि पूर्व में इन योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों की जांच और स्वीकृति के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति कार्य करती थी, लेकिन अब इसको विलोपित कर दिया गया है और उससे जुड़े सभी अधिकार महाप्रबंधकों को दे दिए गए हैं। इसलिए अब एक निश्चित समयांतराल पर होने वाली बैठक का इंतजार किए बिना ही सामान्य प्रक्रिया के तहत आवेदनों पर कार्यवाही की जा सकेगी।

ओला ने बताया कि राज्य बजट वर्ष 2026-27 के तहत सामान्य वाद विवाद के दौरान इस संबंध में घोषणा की गई थी। विभाग द्वारा इस घोषणा की अनुपालना में ये अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।

आवेदन ऑनलाइन होने से हर दिन आ रहे 9 आवेदन

ओला ने बताया कि विभाग की तीन नीतियों के आवेदन ऑनलाइन करने से इनकी संख्या काफी बढ़ रही है। एक फरवरी से अब तक एक जिला एक उत्पाद नीति के लिए 72, एमएसएमई नीति के लिए 77 और निर्यात प्रोत्साहन नीति के लिेए 96 सहित कुल 245 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन तीनों योजनाओं के लिए हर दिन औसतन 9 आवेदन आ रहे हैं। ऑफलाइन प्रक्रिया के दौरान इनकी संख्या 2 आवेदन प्रतिदिन से भी कम थी।

वर्जन

विभाग की योजनाओं और नीतियों में लगातार आवश्यक सुधार किया जा रहा है। प्रक्रिया को आसान बनाने और आम लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है।

-सुरेश ओला, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त

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