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नगर निगम में कुत्तों की नसबंदी करने वाले ठेकेदार से मांगे 15 लाख

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-4 लाख लेते कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र सिंह रंगे हाथों धरा गया

-रिश्वत मांगने वाले डॉ. योगेश शर्मा व डॉ. राकेश कलोरिया गिरफ्तार

-नगर निगम में सफाई, सड़क, भवन निर्माण अनुमति, कचरा परिवहन एवं गलियों की सफ़ाई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है

जयपुर (रॉयल पत्रिका) I जयपुर नगर निगम हेरिटेज एवं ग्रेटर में आये दिन आवारा कुत्ते बच्चों एवं बड़ों को काट रहे हैं I नगर निगम ने कुत्ते पकड़ने, कुत्तों की नसबंदी करने का ठेका दे रखा है I कुत्ते पकड़ने एवं नसबंदी करने के लिए नगर निगम करोड़ों रुपए खर्च करता है I इसके बाद भी जयपुर में कुत्तों की संख्या कम होती दिखाई नहीं दे रही है I जयपुर शहर में दर्जनों बच्चे बड़े प्रतिदिन आवारा कुत्तों द्वारा काटे जा रहे हैं और अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं I आवारा कुत्तों, बंदरों, गायों की संख्या जयपुर शहर में कम नहीं होने का मुख्य कारण है भ्रष्टाचार I जयपुर नगर निगम (हेरिटेज और ग्रेटर) का बजट यदि सही तरीके से खर्च किया जाए जाए तो शहर में अच्छी सड़कें, अच्छी सफाई, बिना अतिक्रमण के गलियां सड़कें, सरकारी भवन और अच्छी सीवर लाइन दिखाई देने लगेगी I लेकिन नगर निगम को मिलने वाला बजट निगम अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदारों एवं सत्ताधारी पार्टी के राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा लूटा जा रहा है I जनता परेशान है I एंटी करप्शन ब्यूरो नगर निगम में तब ही कार्यवाही करता है, जब शिकायत की जाती है I जबकि वह किसी भी कार्य आदेश जो नगर निगम द्वारा किया गया है, यदि फिजिकल वेरीफिकेशन किया जाए तो सबकी पोल खुलकर सामने आ जाएगी I

4 लाख लेते रंगे हाथ पकड़ा-

एसीबी ने नगर निगम के पशु प्रबंध शाखा के डॉ. योगेश शर्मा और डॉ. कलोरिया के दलाल को 4 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ लिया I इन दोनों पशु चिकित्सकों की दलाली कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र सिंह करता था I एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी जयपुर नगर निगम प्रथम जयपुर इकाई को एक लिखित शिकायत इस आशय की मिली कि जयपुर शहर में आवारा कुत्तों के नसबंदी एवं टीकाकरण के लिए आमंत्रित निविदाओं में परिवादी को टेंडर मिला, जिस पर परिवादी द्वारा टेंडर का कार्य पूर्ण किया जाकर बिल बनाकर नगर निगम हेरिटेज कार्यालय में पेश करने के उपरांत टेंडर की शर्तों के अनुसार कुत्तों से निकाले गए Uterus एवं Testicles की गणना नगर निगम हेरिटेज के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा नहीं कर रहा है तथा गणना एवं बिल फॉरवर्ड करने की एवज में सभी बकाया बिलों के 12 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है तथा नगर निगम ग्रेटर में परिवादी द्वारा कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण के किए गए कार्यों के माह नवंबर एवं दिसंबर 2025 के बिल बनाकर नगर निगम ग्रेटर में पेश करने के उपरांत भी कुत्तों से निकल गए Uterus एवं Testicles की गणना पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कलोरिया द्वारा नहीं करने तथा बिलों को फॉरवर्ड करने के लिए 2 लाख रुपये प्रति माह कुल 4 लाख रुपए तथा 1 जनवरी 2026 से 3.5 लाख रुपए प्रति माह के हिसाब से रिश्वत की मांग की जा रही है I दोनों पशु चिकित्सा अधिकारी अपने कार्यालय के कर्मचारी जितेन सिंह कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से रिश्वत प्राप्त करना चाह रहे हैं I रिश्वत का सत्यापन करवाए जाने पर दोनों पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा कुल 15 लाख रुपए की मांग करना पाया गया I जिस पर ट्रेप टीम ने आरोपी जितेंद्र सिंह को डॉ. योगेश शर्मा और डॉ. राकेश कलोरिया के लिए परिवादी से 4 लाख रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया I ब्यूरो की अन्य टीमों ने दोनों चिकित्सकों को भी गिरफ्तार कर लिया I गिरफ्तार किए गए चिकित्सकों से पूछताछ जारी है I

नगर निगम में भ्रष्टाचार

वैसे तो नगर निगम में एसीबी की कार्यवाही पहली बार नहीं हुई है I पहले भी एसीबी भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही कर चुकी है I नगर निगम के भ्रष्टाचार के बारे में शहर का बच्चा-बच्चा जानता है I लेकिन शिकायत कुछ एक लोग ही करते हैं I शहर में अवैध डेयरियों में लगातार कार्यवाही चलती रहती है I फिर भी अवैध डेयरी शहर में धड़ल्ले से चल रही हैं I कारण भ्रष्टाचार है I सड़कों पर, सरकारी जमीनों पर, फुटपाथ पर अतिक्रमण हो रहा है, इसका कारण भी भ्रष्टाचार है I सड़कें हर वर्ष नहीं बनती हैं, 30 प्रतिशत सड़कें कागजों में बनाकर फंड उठाया जाता है I कचरा परिवहन और हूपर से डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन में बड़ी धांधली चल रही है I शहर की गलियां कागजों में साफ हो रही है, लेकिन मौके पर मलबे और कचरे से भरी पड़ी हैं I एसीबी को बिना शिकायत भी नगर निगम में कार्यवाही करनी चाहिए I क्योंकि नगर निगम में बैठे अधिकारी एवं कर्मचारी अपने उद्देश्य और कर्तव्य से भटक रहे हैं I सरकार में बैठे जनप्रतिनिधि भी भ्रष्टाचार में शामिल दिखाई दे रहे हैं I जबकि नगर निगम का कर्तव्य बनता है कि जयपुर शहर के नागरिकों को अच्छी सड़क, अच्छी साफ-सफाई एवं अच्छे परिवहन की सुविधा दी जाए I

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