इस भारतीय महिला टीचर ने लहराया विश्व में परचम:
रूबल नागी ने जीता ‘ग्लोबल टीचर प्राइज 2026’, मिला करोड़ों का इनाम
झुग्गियों की दीवारों को किताब बनाकर बदली बच्चों की किस्मत
दुबई/नई दिल्ली (रॉयल पत्रिका)। भारत की एक महिला टीचर रूबल नागी ने अपनी अनूठी शिक्षण शैली से पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया है। शिक्षा से वंचित गरीब बच्चों को पढ़ाने के उनके अनोखे तरीके ने उन्हें शिक्षा जगत के सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान ‘ग्लोबल टीचर प्राइज 2026’ का हकदार बना दिया है।
दुबई में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रूबल नागी को 10 लाख डॉलर (करोड़ों रुपये) के ग्लोबल प्राइज से सम्मानित किया गया। रूबल नागी एक टीचर होने के साथ-साथ एक सोशल एक्टिविस्ट भी हैं।
क्यों खास है रूबल का पढ़ाने का तरीका?
रूबल नागी ने पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह झुग्गी-झोपड़ियों की दीवारों को ही शिक्षा का माध्यम बना लिया।
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वे दीवारों पर चित्र बनाती हैं।
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इन चित्रों के जरिए बच्चों को गणित, इतिहास और अन्य विषयों का ज्ञान देती हैं।
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उनका उद्देश्य उन बच्चों में शिक्षा की अलख जगाना है, जिन्होंने कभी स्कूल की शक्ल तक नहीं देखी।
यह सम्मान सिर्फ उनकी मेहनत का फल नहीं है, बल्कि उन हजारों बच्चों की जीत है जिन्हें वह सालों से मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
30 बच्चों से 10 लाख तक का सफर
दुबई में आयोजित इस कार्यक्रम में दुनिया भर के नेता और एक्सपर्ट शामिल हुए, जहां रूबल ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके सफर की कहानी प्रेरणादायक है:
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शुरुआत: 24 साल पहले एक वर्कशॉप से, जिसमें सिर्फ 30 बच्चे थे।
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वर्तमान: अब रूबल भारत में 800 से ज्यादा ट्रेनिंग सेंटर चला रही हैं।
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प्रभाव: उनकी संस्था ‘रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन’ के जरिए लाखों बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
इनाम की राशि का सदुपयोग
पुरस्कार लेते समय रूबल ने कहा, “यह सम्मान मिलना मेरे देश भारत के लिए बहुत गर्व की बात है। मेरा बचपन से ही सपना था कि हर बच्चा स्कूल जाए।”
उन्होंने बताया कि वह इनाम में मिली 10 लाख डॉलर की राशि का उपयोग ऐसे संस्थान खोलने में करेंगी, जहां बच्चों को फ्री कमर्शियल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
यूनेस्को ने की तारीफ
यूनेस्को की एसोसिएट जनरल डायरेक्टर स्टेफानिया जियानिनी ने रूबल की तारीफ करते हुए कहा कि “यह सम्मान बताता है कि शिक्षक देश की दशा को बदलने की हिम्मत रखते हैं।” बता दें कि यह प्रतिष्ठित अवार्ड जीतने वाली रूबल 10वीं शिक्षिका हैं। भारत में उनकी इस उपलब्धि पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
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