जयपुर के अमृतपुरी में ‘इस्तिकबाल-ए-माहे रमज़ान’ इज्तिमा:
उलेमाओं ने दिया तालीम और भाईचारे का पैगाम
देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए मांगी दुआएं
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। जयपुर के अमृतपुरी (घाटगेट) स्थित ख्वाजा नगर में बुधवार (5 फरवरी) को एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। मदरसा गुलशन-ए-हुसैन और अंजुमन मुहिब्बाने अहलेबैत की ओर से एक दिवसीय ‘तालीमी बेदारी व इस्तिकबाल-ए-माहे रमज़ान’ इज्तिमा का आयोजन किया गया।
इस मौके पर उलेमाओं ने शिरकत की और देश-प्रदेश में अमन, चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं।
गरीब नवाज का पैगाम — इंसानियत और मोहब्बत
इज्तिमा की सरपरस्ती मुफ्ती अब्दुस्सत्तार साहब रिज़वी ने की और निगरानी हाफिज मौलाना काज़ी वली मोहम्मद शेरी (खतीबो इमाम नूरानी मस्जिद) ने की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अजमेर से आए हजरत मौलाना सैय्यद सुल्तान चिश्ती ने कहा:
“गरीब नवाज का पैगाम बुनियादी तौर पर इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारा है।”
उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए बताया कि जो शख्स अपने बच्चे को नाजिराह कुरान-ए-करीम सिखाता है, उसके सबब अगले-पिछले गुनाह माफ कर दिए जाते हैं।
दीनी तालीम के साथ मॉडर्न एजुकेशन जरूरी
पूर्व मदरसा बोर्ड चेयरमैन हजरत अल्लामा मौलाना मोहम्मद फज़ले हक़ ने शिक्षा के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया के साथ चलने के लिए दीनी तालीम के साथ-साथ मॉडर्न एजुकेशन (असरी तालीम) वक्त की अहम जरूरत है। यह तालीम कौम को इज्जत दिलाती है और गुरबत (गरीबी) को दूर करती है।
कुरान की अजमत और रमज़ान की फजीलत
बरेली से आए मौलाना सद्दाम हुसैन रिज़वी और मुंबई से आए मुफ्ती हैदर अली मदनी ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने रमज़ान की फजीलत और कुरान की अजमत पर रोशनी डालते हुए कहा कि यह कुरान का मोजिज़ा (चमत्कार) है कि बड़े तो बड़े, बच्चे भी इसे सीने में महफूज कर लेते हैं।
छात्रों का सम्मान और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
कार्यक्रम के अंत में मौलाना सुल्तान चिश्ती के हाथों मेधावी छात्र-छात्राओं (तलबा व तालेबात) को इनाम तकसीम किए गए। कार्यक्रम का समापन सलातो-सलाम और खुसूसी दुआ के साथ हुआ।
इस मौके पर निम्नलिखित गणमान्य लोग और अंजुमन के अराकीन मौजूद रहे:
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वार्ड नं. 88 के पार्षद रईस कुरैशी
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मोहम्मद नईम खान
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मोहम्मद फहीम खान
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मोहम्मद शाहिद खान नेताजी
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अमजद खान, हाजी हबीब हुसैन
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मोहम्मद खालिदा, हाजी अब्दुल अजीज मंसूरी
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