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मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर राजनीति बंद हो:

जयपुर

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SDPI ने विधायक के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

नियम सब पर समान रूप से लागू हों, किसी समुदाय को टारगेट न किया जाए

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य द्वारा विधानसभा में मस्जिदों के लाउडस्पीकर और रमज़ान का ज़िक्र करते हुए दिए गए बयान पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) ने कड़ा एतराज जताया है। जयपुर ज़िला अध्यक्ष मोहम्मद ख़ालिद ने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और समाज को बाँटने वाली राजनीति करार दिया है।

रमज़ान और लाउडस्पीकर की हकीकत

एसडीपीआई जयपुर ज़िला ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों से होने वाली अज़ान और इबादत वर्षों से तय मर्यादाओं के भीतर ही संचालित होती आ रही है।

  • मर्यादा का पालन: रमज़ान के महीने में मस्जिदों से कोई भी “एक्स्ट्रा” या नियमों से अधिक लाउडस्पीकर नहीं बजाए जाते।

  • समान कानून की मांग: यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है, तो क़ानून सभी के लिए समान होना चाहिए।

  • निशाना बनाना गलत: सिर्फ़ मस्जिदों या मुस्लिम समाज को निशाना बनाकर रमज़ान जैसे पाक महीने को विवाद से जोड़ना पूरी तरह ग़लत है।

ध्वनि प्रदूषण: एक नागरिक मुद्दा, न कि धार्मिक

पार्टी ने सवाल उठाया है कि ध्वनि प्रदूषण के नियमों की बात केवल एक समुदाय विशेष के लिए ही क्यों की जाती है?

  1. अन्य आयोजन: धार्मिक मेलों, जुलूसों, कांवड़ यात्राओं, राजनीतिक कार्यक्रमों और निजी आयोजनों में बजने वाले तेज़ लाउडस्पीकरों पर वैसी सख़्ती क्यों नहीं दिखाई जाती?

  2. संवैधानिक भावना: ध्वनि प्रदूषण एक सामान्य नागरिक मुद्दा है, इसे किसी एक धर्म से जोड़कर देखना संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के ख़िलाफ़ है।

[यहाँ संविधान की प्रति या शांति व भाईचारे की प्रतीकात्मक फोटो लगाई जा सकती है]

SDPI की राजस्थान सरकार से प्रमुख मांगें

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया ने सरकार और प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • समानता: लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियम सभी समुदायों और कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू हों।

  • नफरत पर रोक: किसी विशेष समुदाय या त्योहार को टारगेट कर समाज में नफ़रत फैलाने वाली राजनीति पर तत्काल रोक लगे।

  • इंसाफ की राजनीति: सरकार शांति, भाईचारे और इंसाफ़ के माहौल को बढ़ावा दे।

निष्कर्ष

मोहम्मद ख़ालिद ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “नफ़रत नहीं, संविधान चाहिए।” एसडीपीआई देश की धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने और समाज में भाईचारा कायम रखने की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।

बयान जारीकर्ता: मोहम्मद ख़ालिद (ज़िला अध्यक्ष, SDPI, जयपुर)

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