हज-2026: जयपुर से 18 अप्रैल को उड़ेगी पहली फ्लाइट
अब ‘सेहत’ होगी यात्रा की पहली शर्त
नई गाइडलाइन जारी — गंभीर बीमारियों से पीड़ित यात्रियों को नहीं मिलेगी अनुमति
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। हज यात्रा-2026 के मुकद्दस सफर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए केंद्रीय हज कमेटी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इन नए दिशा-निर्देशों के तहत इस बार हज पर केवल वही यात्री जा सकेंगे, जो चिकित्सकीय रूप से (Medically) पूरी तरह स्वस्थ होंगे।
हज यात्रियों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए सभी चयनित यात्रियों के लिए नया मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है। हज के लिए 18 अप्रैल से जयपुर एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होंगी।
इन मरीजों के जाने पर रहेगी रोक
गाइडलाइन के अनुसार, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को हज यात्रा-2026 की अनुमति नहीं दी जाएगी। अयोग्य घोषित किए गए मरीजों की सूची में शामिल हैं:
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डायलिसिस पर चल रहे किडनी मरीज।
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हार्ट फेल्योर और ऑक्सीजन पर निर्भर रोगी।
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गंभीर फेफड़ों की बीमारी, लिवर सिरोसिस या लिवर फेल्योर।
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गंभीर मानसिक या न्यूरोलॉजिकल रोग और डिमेंशिया से पीड़ित।
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संक्रामक रोगों से ग्रसित व्यक्ति और वायरल हेमरेजिक फीवर के मरीज।
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कैंसर के वे मरीज जो कीमोथैरेपी या इम्यूनिटी कम करने वाला इलाज ले रहे हों।
गर्भवती महिलाओं के लिए नियम
महिलाओं के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गर्भावस्था के अंतिम तीन महीनों वाली महिलाएं इस बार हज यात्रा के लिए पात्र नहीं होंगी।
गलत फिटनेस सर्टिफिकेट देने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
राजस्थान राज्य हज वेलफेयर सोसायटी के महासचिव हाजी निजामुद्दीन ने बताया कि इस बार नियमों में सख्ती बरती गई है। यदि कोई चिकित्सक गलत फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करता पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित यात्री को सफर की इजाजत नहीं मिलेगी।
प्रशिक्षण शिविर: यात्रियों की सुविधा के लिए 1 फरवरी को कर्बला स्थित हज हाउस में सुबह 9 बजे से प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हज हाउस की व्यवस्था सुचारू रहे और अधिशासी अधिकारी वहां हमेशा उपलब्ध रहें।
हज 2026 में मिलेंगी ये हाई-टेक सुविधाएं
इस बार हज यात्रा में तकनीक और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है:
1. स्मार्टवॉच और डिजिटल सुरक्षा सभी यात्रियों को एक विशेष स्मार्टवॉच दी जाएगी। यह वॉच उनके कदमों की गिनती, ऑक्सीजन लेवल और लाइव लोकेशन ट्रैक करेगी। यह स्मार्टवॉच ‘हज सुविधा ऐप’ से जुड़ी होगी। किसी भी इमरजेंसी में SOS बटन दबाने पर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट मिल जाएगा।
2. आवास व्यवस्था में बदलाव पति-पत्नी के लिए एक ही कमरे में रहने की व्यवस्था नहीं होगी। महिला और पुरुष यात्रियों को अलग-अलग कमरों में ठहराया जाएगा।
3. रुबात की सुविधा (मुफ्त आवास) सऊदी अरब में ‘हज गाइडेंस सोसाइटी’ के माध्यम से मक्का और मदीना में रुबातों (मुफ्त या रियायती आवास) में ठहरने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए 25 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन कराकर इजाजतनामा हासिल किया जा सकता है, जिससे यात्रियों की काफी बचत हो सकती है।
4. भोजन और कैंप व्यवस्था
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होटल या कैंपों में खाना पकाने की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों को बाहर से या कैटरिंग के जरिए खाना लेना होगा।
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कैंपों के लिए दो विकल्प मिलेंगे: ‘मंजिल अल कबश प्रीमियम कैंप’ (5,500 क्षमता) और ‘मीना अल-मुऐसिम मानक कैंप’ (52,000 क्षमता)। यह ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर उपलब्ध होंगे।
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