सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी के बेटे को दी जमानत:
अब्बास अंसारी को मिली बड़ी राहत
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इन शर्तों के साथ जेल से छूटे अब्बास अंसारी
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अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदला गया
नई दिल्ली/लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मऊ से विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को गैंगस्टर एक्ट केस में जमानत दे दी है। कोर्ट ने पिछले साल दी गई अंतरिम जमानत को अब नियमित जमानत में बदल दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अंतरिम जमानत के दौरान अब्बास अंसारी का आचरण सही रहा, जिसके आधार पर अब उनकी जमानत को नियमित किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी की जमानत के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं:
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अब्बास को उत्तर प्रदेश छोड़ने से पहले पुलिस और प्रशासन को जानकारी देनी होगी।
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वह कानून व्यवस्था और जांच प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डालेंगे।
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कोर्ट द्वारा तय की गई सभी शर्तों का सख्ती से पालन करेंगे।
बचाव पक्ष ने केस के निपटारे की दलीलें दीं
मामले की सुनवाई भारत के सीजेआई (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने की। अब्बास अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और निजाम पाशा ने दलीलें रखीं।
बचाव पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि अब्बास काफी समय से जेल में हैं, केस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और केस के निपटारे में अभी लंबा समय लग सकता है। इस वजह से अब्बास को जमानत मिलनी चाहिए।
2024 में गैंगस्टर मामले में गिरफ्तार हुए थे अब्बास
मामले की पृष्ठभूमि काफी पुरानी है:
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4 नवंबर 2022: अब्बास अंसारी को अन्य आपराधिक मामलों में हिरासत में लिया गया था।
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31 अगस्त 2024: चित्रकूट के कोतवाली कर्वी थाने में अब्बास के खिलाफ जबरन वसूली और मारपीट को लेकर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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6 सितंबर 2024: गैंगस्टर एक्ट के तहत अब्बास को गिरफ्तार किया गया।
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मार्च 2025: बेंच ने उन्हें राहत देते हुए गैंगस्टर एक्ट मामले को छोड़कर अन्य सभी आपराधिक मामलों में जमानत दे दी थी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गैंगस्टर मामले में भी रिहा कर दिया है, जिससे उनकी जेल से बाहर आने की राह आसान हो गई है।
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