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ईरान में हिंसा और तबाही के लिए डोनाल्ड ट्रंप ‘अपराधी’:

नई दिल्ली

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सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा हमला

‘अमेरिका का मकसद ईरान पर कब्जा करना’; 3000 से ज्यादा मौतों के दावों के बीच फिर बढ़ा युद्ध का खतरा

तेहरान (एजेंसी)। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का खतरा अभी टला नहीं है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने तेहरान में हुई हिंसा, भारी नुकसान और मानहानि के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुलेआम दोषी ठहराया है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचने की आशंका है।

खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया ‘अपराधी’

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने एक धार्मिक अवसर पर दिए गए भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “अपराधी” घोषित किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ही ईरानी राष्ट्र पर लगाए गए हत्या के झूठे आरोपों, क्षति और बदनामी के लिए जिम्मेदार हैं।

खामेनेई ने कड़े शब्दों में कहा, “हम अमेरिकी राष्ट्रपति को अपराधी मानते हैं, क्योंकि उन्होंने ईरानी राष्ट्र पर हताहत, क्षति और बदनामी थोपी है।” उन्होंने हालिया विरोध प्रदर्शनों को पूरी तरह से “अमेरिकी साजिश” करार दिया। उनका आरोप है कि ट्रंप ने ईरान के मामलों में हस्तक्षेप किया, बयानबाजी की, दंगाइयों को प्रोत्साहित किया और यहां तक कि उन्हें सैन्य सहायता देने की भी बात कही।

‘अमेरिका का उद्देश्य ईरान पर कब्जा करना’

खामेनेई ने अमेरिका की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका असली उद्देश्य “ईरान पर कब्जा करना” है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दंगाइयों को “ईरानी राष्ट्र” के रूप में पेश करके देश की गंभीर बदनामी की है।

सुप्रीम लीडर ने चेतावनी देते हुए कहा, “ईरानी राष्ट्र ने दंगे की कमर तोड़ दी है, अब उसे उन लोगों की भी कमर तोड़नी होगी, जिन्होंने इसे भड़काया है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को युद्ध की ओर नहीं धकेला जाएगा, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को बख्शा भी नहीं जाएगा। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल ने दंगाइयों को प्रशिक्षित किया और अपनी एजेंसियों के माध्यम से एजेंटों को भेजा।

प्रदर्शनों में 3000 से 12,000 मौतों का दावा

ईरान में स्थिति बेहद भयावह बताई जा रही है। मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 3,000 से 12,000 तक लोग मारे गए हैं। हालांकि, ईरानी सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। देश में इंटरनेट ब्लैकआउट और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है।

यह जुबानी जंग ट्रंप की उन हालिया टिप्पणियों के बाद तेज हुई है, जिसमें उन्होंने ईरान में प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया था और कहा था कि अमेरिका “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या” पर हस्तक्षेप करेगा।

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