चौमूं में बुलडोज़र कार्रवाई पर सवाल:
बिना न्यायिक प्रक्रिया घर तोड़ना गलत – डॉ. मोहम्मद शोएब
न्याय की प्रक्रिया को दरकिनार कर एकतरफा कार्रवाई अनुचित: प्रदेश सचिव
चौमूं। चौमूं की घटना के बाद प्रशासन द्वारा की गई बुलडोज़र कार्रवाई पर राजनीति गर्मा गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव डॉ. मोहम्मद शोएब ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
डॉ. शोएब ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन न्याय की प्रक्रिया को दरकिनार कर त्वरित और एकतरफा कार्रवाई करना उचित नहीं कहा जा सकता।
संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है कार्रवाई
डॉ. शोएब ने कड़े शब्दों में कहा कि बिना ठोस सबूत और न्यायिक प्रक्रिया पूरी किए किसी के घर या प्रतिष्ठान पर बुलडोज़र चलाना संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता अपराध में साबित होती है, तो उस पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन निर्दोष लोगों को डराने या ‘सामूहिक दंड’ (Collective Punishment) जैसी भावना से कदम उठाना एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सही नहीं है।”
भेदभाव न हो, यह सरकार की जिम्मेदारी
प्रदेश सचिव ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी कार्रवाई में भेदभाव न हो और किसी भी निर्दोष नागरिक के अधिकारों का हनन न किया जाए। प्रदेश में शांति, विश्वास और कानून का राज बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, न कि भय का माहौल बनाना।
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